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UPCOCA विधेयक पास, सीएम योगी ने दी कानून का दुरुपयोग न होने की गारंटी

Fri, 22 Dec 2017 12:17 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
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सीएम योगी आदित्यनाथ
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विपक्ष की आपत्तियों को खारिज करते हुए विधान सभा में गुरुवार को यूपीकोका विधेयक पास हो गया।
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विधेयक को गरीबों, पिछड़ो, दलितों, अल्पसंख्यकों व पत्रकारों का उत्पीड़न करने वाला बताते हुए नेता प्रतिपक्ष राम गोविंद चौधरी ने अपने दल के साथ सदन की कार्यवाही का बहिष्कार किया।

सपा के बाद कांग्रेस व बसपा ने भी विधेयक को जनविरोधी करार देते हुए सदन से बहिर्गमन किया। संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि विपक्ष विधेयक के प्रावधानों की गलत व्याख्या कर रहा है। 
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संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने विधेयक पर विपक्ष की आपत्तियों को खारिज करते हुए सदन में विधेयक पारित करने का प्रस्ताव रखा जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया।
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सीएम योगी ने दी गारंटी

सीएम योगी आदित्यनाथ
इससे पहले विधेयक को विचार के लिए रखते हुए सीएम योगी ने कहा कि विपक्षी दल सर्वाधिक वॉकआउट कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर करते हैं, फिर यूपीकोका का विरोध क्यों? हम गारंटी देते हैं कि भाजपा ने किसी कानून का न तो दुरुपयोग किया है और न ही करेगी। 

विपक्षी नेताओं की तरफ से उठ रही आवाज का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि अपराध गरीब और कमजोर नहीं करते। यूपीकोका से उन लोगों को चिंतित होने की जरूरत है जो अपराधियों को संरक्षण देते हैं। इससे अपराधियों का सिंडिकेट ध्वस्त किया जाएगा।

अपराध, राजनीति और प्रशासन के घिनौने गठजोड़ ने प्रदेश को बहुत पीछे किया है। नौजवानों को बेरोजगार किया है, व्यापारियों को पलायन के लिए मजबूर किया है। न्यायालय ने भी कई बार राजनीति के अपराधीकरण पर टिप्पणी की है। यूपीकोका से हम अपराधी, नेता व अफसरों के बीच बने घिनौने गठजोड़ को तोड़ेंगे। 

इंस्पेक्टर करेगा विवेचना, एडीजी देंगे चार्जशीट को मंजूरी

police - फोटो : demo
मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपीकोका जैसा कानून महाराष्ट्र और कर्नाटक में पहले से है। हमने इसे और बेहतर बनाया है। रेंज के आईजी/डीआईजी और कमिश्नर के अनुमोदन के बाद यूपीकोका की एफआईआर दर्ज होगी। इसकी विवेचना इंस्पेक्टर करेगा और चार्जशीट जोन में तैनात एडीजी/आईजी की स्वीकृति के बाद अदालत में दाखिल की जाएगी। कर्नाटक में प्रावधान है कि जिसने 10 साल के भीतर अपराध किया हो, वह कर्नाटक कोका के दायरे में आएगा, यूपीकोका में पांच साल के अपराध की सीमा रखी गई है।
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सजायाफ्ता अपराध करेगा तो मृत्युदंड

डेमो इमेज
योगी ने कहा कि यदि कोई सजायाफ्ता अपराधी दुबारा अपराध करेगा तो यूपीकोका में उसकी सजा के लिए मृत्युदंड या आजीवन कारावास का प्रावधान किया गया है। वहीं, बचाव के लिए जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता में, प्रदेश स्तर पर प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में प्राधिकरण रहेगा। तीसरा प्राधिकरण सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में रहेगा।
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