फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम योगी ने एक बार फिर विधानसभा में पेश किया UPCOCA बिल

Tue, 27 Mar 2018 01:46 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
विधानसभा में बोलते सीएम योगी
विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को विधानसभा में यूपीकोका कानून एक बार फिर से पेश किया। इससे पहले 21 दिसंबर 2017 को यह बिल विधानसभा में पेश हुआ था। विधान परिषद में सरकार के पास बहुमत न होने के कारण यह बिल पास नहीं हो सका था। 

विज्ञापन


महाराष्ट्र के मकोका की तर्ज पर बने यूपीकोका (कंट्रोल ऑफ ऑर्गनाइज्ड क्राइम एक्ट) विधेयक में आतंकवाद, हवाला, अवैध शराब कारोबार, बाहुबल से ठेके हथियाने, फिरौती के लिए अपहरण, अवैध खनन, वन उपज के गैरकानूनी ढंग से दोहन, वन्यजीवों की तस्करी सरीखे अनेक संगठित अपराधों में कड़ी कार्रवाई का प्रावधान किया गया है।

इसमें कम से कम सात साल कैद व 15 लाख रुपये का जुर्माना से लेकर सजा-ए-मौत व 25 लाख रुपए जुर्माना की सजा होगी।

इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एटीएस द्वारा किए गए टेरर फंडिंग के खुलासे का जिक्र करते हुए कहा कि अपराध की प्रवृति और दायरा बढ़ने के साथ-साथ संगठित अपराध नियंत्रण की आवश्यकता भी बढ़ती जा रही है। प्रदेश की सीमाएं खुली हैं और इन सीमाओं को देखते हुए आवश्यकता है कि आम जनमानस को सुरक्षा की गारंटी दे सकें। इसी उद्देश्य की पूर्ति के लिए यह बिल दोबारा लेकर आए हैं।
विज्ञापन


विगत एक वर्ष में सरकार की उपलब्धियों को बताते हुए सीएम योगी ने कहा कि अपराध नियंत्रण के लिए सरकार द्वारा कड़े कदम उठाये गए हैं और इसके परिणाम भी सामने आए हैं। पिछली सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए सीएम ने कहा कि पहले त्योहार खुशहाली के बजाय भय का माहौल पैदा करते थे, लेकिन पिछले एक साल में सभी त्योहार और चुनाव शांति पूर्वक संपन्न हुए हैं।

विज्ञापन

रामगोविंद चौधरी ने यूपीकोका को बताया काला कानून

नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी - फोटो : अमर उजाला
यूपीकोका कानून पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जब प्रदेश की कानून व्यवस्था बेहतर हो गई है, तो इस काले कानून को लाने की क्या आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि कानून में पहले से ऐसे प्रावधान हैं जिनका सख्ती से पालन किया जाए तो अपराध पर नियंत्रण किया जा सकता है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें