यूपी एटीएस और सहारनपुर पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन कर बांग्लादेशियों के फर्जी दस्तावेज के सहारे पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में गाजियाबाद से एक बांग्लादेशी और देवबंद से दो अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया है। एटीएस के मुताबिक एसटीएफ और स्थानीय पुलिस के साथ देवबंद के मोहल्ला पठानपुरा और खानकाह में पुलिस चौकी के सामने स्थित एक कंप्यूटर सेंटर पर छापा मारा। यहां से पठानपुरा निवासी अहसान अहमद पुत्र निसार अहमद और मोहल्ला किला निवासी वसीम अहमद पुत्र बदरुज्जमां को गिरफ्तार किया गया।
इनके पास से कंप्यूटर, लैपटॉप, स्कैनर, प्रिंटर व कुछ अधबने प्रमाणपत्र व अन्य कागजात बरामद किए गए। एटीएस को पता चला था कि जहीर खान नाम से एक पासपोर्ट बनवाया गया था। इसमें पता मकान नंबर 1500 मोहल्ला पठानपुरा देवबंद दिया गया था। जब जांच की गई तो इस नाम का कोई व्यक्ति यहां नहीं मिला। इसके साथ ही एसटीएफ ने गाजियाबाद के मुरादनगर से भी एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि उसका नाम यूसुफ अली उर्फ नजरुल पुत्र हजरत अली उर्फ कपचार अली है।
वह बांग्लादेश के चारबरिया, थाना बरीसल का निवासी है और यहां मुरादनगर के कुर्सी गांव में अवैध रूप से रह रहा था। इसके पास से फर्जी पते पर बनवाए गए दो आधार कार्ड, पैन कार्ड ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर कार्ड, मूल निवास का पहचान पत्र भरतीय पते पर बने पासपोर्ट की छायाप्रति, विभिन्न बैंकों की चेकबुक, पासबुक, एटीएम कार्ड, तीन मोबाइल, चार अन्य लोगों के पश्चिम बंगाल के पते के वोटर कार्ड, इनके ही आधार कार्ड, पासपोर्ट, ग्राम पंचायत का प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस की कई छाया प्रतियां मिलीं हैं।
यूसुफ के बैंक खातों में सऊदी अरब से कई बार एक लाख से अधिक के लेनदेन हुए हैं, जिसकी जांच की जा रही है। पूछताछ में इन सभी ने बताया कि वे फर्जी हलफनामे, फर्जी स्कूल प्रमाणपत्र के आधार पर पासपोर्ट के लिए जरूरी प्रमाणपत्र बनवा लेते थे। इसके लिए वे विशेषकर बांग्लादेशियों से अच्छी खासी रकम लेते थे।