पहले लगा रंग, जलन हुई तो तेजाब का हुआ एहसास
इंस्पेक्टर ने बताया कि पीड़ित ने पुलिस को बताया कि पहले उन लोगों को लगा कि नकाबपोश युवक ने उन लोगों पर रंग फेंका था। कुछ देर के बाद उन लोगों को जलन होने लगी, तब उन लोगों को तेजाब फेंके जाने का एहसास हुआ।
एसिड अटैक की सूचना मिलते ही मौके पर चिनहट पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने फौरन चारों घायलों को सीएचसी चिनहट में भर्ती कराया। संचालक के हाथ व गले, जबकि अन्य तीन के पीठ पर तेजाब की छीट पड़ी थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद सभी को छुट्टी दे दी गई।
सीसीटीवी कैमरे में पल्सर बाइक से दिखे दो आरोपी
डीसीपी पूर्वी दीक्षा शर्मा ने बताया कि फर्म संचालक की तहरीर पर अज्ञात युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने जब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए तो नकाबपोश युवक पल्सर बाइक सवार एक साथी के साथ नजर आया।
बाइक सवार युवक बाहर ही खड़ा था। नकाबपोश युवक हाथ में मग लेकर अंदर जाते दिखा और फिर बाइक सवार साथी के साथ भाग गया। डीसीपी ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों की बाइक का नंबर साफ नहीं है। पुलिस की कई टीम फुटेज खंगाल रही है। डीसीपी ने बताया कि आशंका है कि घटना में बैटरी में प्रयोग होने वाले तेजाब का प्रयोग किया गया है।
गोरखपुर का एक युवक बाल-बाल बचा
घटना के वक्त मेधा सोलर फर्म के दफ्तर में गोरखपुर निवासी एक युवक भी मौजूद था, पर वह घटना के वक्त उस मीटिंग में नहीं था। मीटिंग में शामिल न होने की वजह से वह तेजाब के हमले में बाल-बाल बच गया।
हमले की वजह साफ नहीं, पीड़ितों ने साधी चुप्पी
दिनदहाड़े दफ्तर में घुसकर एसिड अटैक के मामले में अब तक वजह का पता नहीं चल सका है। डीसीपी ने बताया कि पीड़ितों ने न तो किसी पर कोई आरोप लगाया है और न ही उन्होंने किसी पुराने विवाद का जिक्र किया है। उनका कहना है कि वह लोग हमलावर को भी नहीं पहचानते हैं। ऐसे में अब पुलिस सभी पीड़ितों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल खंगाल रही है। पुलिस इस घटना के पीछे रुपये के लेनदेन या आशनाई को वजह मान रही है।