बैंकिंग और सामाजिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि बेसिक शिक्षा परिषद को तत्काल सभी शिक्षामित्रों के बैंक खाते खुलवाने का निर्देश दिया गया है। इससे मानदेय सीधा एकाउंट में आएगा। सरकार ने शिक्षामित्रों को उनके जिले व नजदीकी विद्यालय में तैनाती देने की व्यवस्था की है। खासकर विवाहित महिला शिक्षामित्रों को मायके या ससुराल के निकट विद्यालय में म्यूचुअल ट्रांसफर की सुविधा दी जाएगी।
शिक्षा क्रांति का जिक्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को हर क्षेत्र में आगे बढ़ाया गया है और यह परिवर्तन साफ दिख रहा है। ऑपरेशन कायाकल्प के तहत विद्यालयों की हालत बदली गई है। पहले जहां टॉयलेट, पेयजल, फ्लोरिंग, फर्नीचर और स्मार्ट क्लास की उपलब्धता मात्र 30-36% थी, वह अब 96-99% हो गई है।
ड्रॉपआउट दर 19% से घटकर 3% पर आ गई है। एक बच्चे का स्कूल छोड़ना राष्ट्रीय क्षति है। पहले बालिकाएं इसलिए स्कूल नहीं जाती थीं क्योंकि वहां पेयजल, अलग टॉयलेट और सुरक्षा नहीं थी। आज 1 करोड़ 60 लाख बच्चों को दो यूनिफॉर्म, बैग, बुक्स, जूते, मोजे और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
शिक्षामित्रों से अपील, हर बच्चा पहुंचे स्कूल
मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों का आह्वान किया कि जुलाई के पहले सप्ताह में स्कूल खुलते ही ‘स्कूल चलो’ अभियान तेज करें। हर बच्चा स्कूल पहुंचना चाहिए। शिक्षक आधा घंटा पहले स्कूल पहुंचें, 25-25 घरों में जाकर अभिभावकों से बात करें। बच्चों को प्यार से पढ़ाएं, कभी मारपीट न करें।
अच्छी कहानियां, कविताएं और उदाहरण देकर उन्हें प्रेरित कीजिए। अभिभावकों को भी जागरूक करें कि दी गई यूनिफॉर्म, स्वेटर आदि का सही उपयोग हो। परिवार की खींचतान स्कूल तक नहीं लाइए।