कैबिनेट ने युद्ध के चलते तारकोल की कीमत में हुई वृद्धि की भरपाई करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में भारी उछाल आया है, जिससे सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले बिटुमिन (तारकोल) की दरों में अत्यधिक वृद्धि हुई है। पूर्व में हुए कई अनुबंधों में मूल्य वृद्धि का प्रावधान न होने के कारण ठेकेदारों के लिए निर्माण कार्यों को पूरा करना चुनौतीपूर्ण हो गया था।
इसलिए कैबिनेट ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत मूल्य समायोजन के प्रस्ताव को स्वीकृत किया है। इस निर्णय के तहत लोक निर्माण विभाग के वे सभी कार्य जिनकी निविदा 1 अप्रैल 2026 से पहले मांगी की गई थी, अब मूल्य समायोजन के दायरे में आएंगे। इसमें 5 करोड़ रुपये से कम और इससे अधिक, दोनों ही श्रेणियों के वे अनुबंध शामिल होंगे, जिनमें पहले मूल्य वृद्धि देय नहीं थी।
सरकार के इस कदम से प्रदेश में बिटुमिन से संबंधित निर्माण कार्यों में आ रही बाधाएं दूर होंगी और सड़कों के निर्माण कार्य में तेजी आएगी। इस नीतिगत निर्णय से न केवल ठेकेदारों को राहत मिलेगी, बल्कि प्रदेश की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाएं भी समय सीमा के भीतर पूरी हो सकेंगी।
कैबिनेट यूपी में भर्ती और पदोन्नति के लिए रिक्तियों की गणना के लिए चयन वर्ष बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। चयन वर्ष अब एक जनवरी से 31 दिसंबर माना जाएगा। पहले एक जुलाई से 30 जून चयन वर्ष था। इसके लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती का वर्ष की परिभाषा का प्रतिस्थापन) नियमावली 2026 को मंजूरी दे दी गई है।
प्रदेश सरकार ने अधिक पदों पर भर्ती और पदोन्नति देने के लिए चयन वर्ष का बदलाव किया है। विभाग चयन वर्ष के आधार पर ही रिक्त पदों की गणना करते हैं। रिक्तियों की गणना के आधार पर ही भर्तियों के लिए आयोगों को प्रस्ताव भेजा जाता है और पदोन्नति के आरक्षित पदों पर पदोन्नतियां दी जाती हैं। कार्मिक विभाग ने चयन वर्ष पहले एक जुलाई से 30 जून तय कर रखा था। विभागों द्वारा इसके आधार पर रिक्त होने वाले पदों की गणना की जा रही थी। राज्य सरकार का मानना है कि जब कैलेंडर वर्ष एक जनवरी से 31 दिसंबर है, तो चयन वर्ष भी इसके आधार पर ही तय होना चाहिए। इसीलिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा (भर्ती का वर्ष की परिभाषा का प्रतिस्थापन) नियमावली में संशोधन करते हुए इसे नए सिरे से मंजूरी दी गई है। नियमावली में संशोधन संबंधी आदेश जारी होने के बाद नए चयन वर्ष के आधार पर पदों की गणना शुरू की जाएगी।