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यूपी: अब 60 हुई योगी कैबिनेट मंत्रियों की संख्या, चुनाव के एक साल पहले विस्तार की क्या हैं वजहें; जानिए समीकरण

Sun, 10 May 2026 08:28 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Yogi cabinet expansion: योगी कैबिनेट का लंबे समय से टल रहा कैबिनेट विस्तार आज हो गया। विस्तार के बाद अब कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 60 हो गई। 
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योगी कैबिनेट विस्तार। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अपने कैबिनेट का दूसरा विस्तार किया। सीएम ने पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र चौधरी और सपा के बागी विधायक मनोज पांडेय समेत कुल छह नए चेहरों को अपने कैबिनेट में शामिल किया। इसके साथ ही योगी कैबिनेट की संख्या 60 हो गई। नए मंत्रियों में भूपेन्द्र सिंह और मनोज का जहां कैबिनेट मंत्री बनाया गया है। वहीं, दलित समाज की महिला विधायक कृष्णा पासवान और सुरेंद्र दिलेर के अलावा अति पिछड़े समाज के हंसराज विश्वकर्मा और लोध समाज के कैलाश राजपूत को राज्य मंत्री बनाया गया है। साथ ही दो राज्य मंत्रियों डॉ. सोमेंद्र तोमर और अजित पाल सिंह को प्रोन्नति देते हुए उन्हें राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) बनाया गया है। 

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राज्यपाल आनंदीबनेट पटेल ने जन भवन के गांधी सभागार में आयोजित समारोह में सभी मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। कैबिनेट मंत्री के तौर पर शपथ लेने वाले मंत्रियों में भूपेंद्र सिंह चौधरी विधान परिषद सदस्य हैं। वे भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं, जबकि मनोज कुमार पांडेय ऊंचाहार सीट से सपा के टिकट पर चुनाव जीते थे, लेकिन राज्यसभा चुनाव में बगावत करके उन्होंने भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान किया था। तभी से उनके मंत्री बनाए जाने की चर्चा थी। वहीं, राज्यमंत्री की शपथ लेने वाली कृष्णा पासवान फतेहपुर जिले की खागा से, सुरेंद्र दिलेर अलीगढ़ जिले की खैर सीट से और कैलाश सिंह राजपूत कन्नौज के तिर्वा से विधायक हैं। जबकि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र के रहने वाले हंसराज विश्वकर्मा विधान परिषद सदस्य हैं। ये लगातार दूसरी बार से वाराणसी के जिलाध्यक्ष भी हैं। इनके स्थान पर अभी तक नए जिलाध्यक्ष की नियुक्ति नहीं हुई है।

इन्हें मिला प्रमोशन

इनके अलावा जिन दो मंत्रियों को पदोन्नति दी गई है, उनमें मेरठ दक्षिण से विधायक गुर्जर समाज के डॉ. सोमेंद्र तोमर अभी तक ऊर्जा एवं वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत राज्य मंत्री थे। जबकि कानपुर देहात जिले के सिकंदरा से विधायक अजित पाल सिंह विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, इलेक्टि्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री थे। शपथ दिलाने के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों को पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। समारोह में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह के अलावा दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या व ब्रजेश पाठक के अलावा कई कैबिनेट और राज्य मंत्री, भाजपा के प्रदेश संगठन के पदधिकारी मौजूद रहे।

योगी कैबिनेट में 60 हुई मंत्रियों की संख्या

दूसरे विस्तार के बाद योगी-दो के कैबिनेट के 60 का कोटा पूरा हो गया। इससे पहले मार्च 2024 में पहला विस्तार हुआ था। इसके बाद सीएम समेत कुल 54 मंत्री थे। छह पद खाली थे। जिसे अब विस्तार के जरिए भर दिया गया है। मौजूदा मंत्रिमंडल में एक सीएम और दो उप मुख्यमंत्रियों के अलावा अब कैबिनेट मंत्रियों की संख्या 20 हो गई है। वहीं राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की संख्या 16 और राज्यमंत्रियों की संख्या 21 हो गई।

योगी कैबिनेट में 25 ओबीसी व 10 दलित चेहरे

शपथ ग्रहण समारोह में सीएम योगी व राज्यपाल व अन्य। - फोटो : amar ujala
चुनावी लिहाज से हुए विस्तार में योगी कैबिनेट में पिछड़े समाज का प्रतिनिधित्व सबसे अधिक है। विस्तार में पिछड़ी जाति के तीन सदस्यों को शामिल करने के बाद इनकी संख्या अब 25 और दलित समाज के मंत्रियों की संख्या 10 हो गई। 60 सदस्यीय योगी कैबिने में अब सामान्य वर्ग के 21, अल्पखंख्यक वर्ग के 2 और अनुसूचित जनजाति वर्ग के एक मंत्री हो गए हैं।
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मंत्रियों की प्रोफाइल- एक नजर में

भूपेंद्र सिंह चौधरी (कैबिनेट मंत्री)
भूपेंद्र सिंह चौधरी भाजपा में जाट समुदाय के कद्दावर नेता है। मुरादाबाद जिले के रहने वाले समाज के प्रमुख नेता हैं। शिक्षा इंटरमीडिएट तक है। 2016 और 2022 में विधान परिषद सदस्य चुने गए। अगस्त 2022 में भाजपा उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष बने। 2017 में योगी सरकार में पंचायती राज मंत्री रहे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में संगठनात्मक पकड़ मजबूत है। किसान और जाट समुदाय के मुद्दों पर सक्रिय। पार्टी में लंबे समय से सक्रिय, ग्रामीण विकास और स्थानीय मुद्दों पर फोकस रखते हैं।

मनोज कुमार पाण्डेय (कैबिनेट मंत्री)
मनोज कुमार पाण्डेय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को रायबरेली में हुआ। रायबरेली की ऊंचाहार सीट से तीन बार विधायक। मूल रूप से सपा में थे, जहां अखिलेश यादव के मुख्य सचेतक रहे। बाद में भाजपा में शामिल हुए। सपा के प्रमुख ब्राह्मण चेहरा माने जाते थे। फिरोज गांधी कॉलेज से स्नातक (1992), समाज विज्ञान में मानद डॉक्टरेट हैं। राज्यसभा चुनाव के दौरान भाजपा से नजदीकी बढ़ी। कृषि, शिक्षा और स्थानीय विकास के मुद्दों पर सक्रिय हैं। 2024-25 में सपा छोड़कर भाजपा ज्वाइन करने के बाद कैबिनेट में एंट्री मिली। रायबरेली में मजबूत जनाधार।

. सोमेंद्र तोमर (राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार - प्रमोशन)
डॉ. सोमेंद्र तोमर का जन्म 3 जुलाई 1980 को मेरठ में हुआ। भौतिक विज्ञान में पीएचडी हैं। वह मेरठ दक्षिण से विधायक हैं। पहले ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री रहे। अब स्वतंत्र प्रभार के साथ प्रमोशन हुआ। गुर्जर समाज के प्रमुख नेता, पश्चिमी यूपी में प्रभावशाली हैं। शिक्षा और युवा मुद्दों पर फोकस रहा। ऊर्जा क्षेत्र में सुधार, बिजली आपूर्ति और नवीकरणीय ऊर्जा पर काम किया है। सक्रिय सोशल मीडिया और क्षेत्रीय विकास के लिए जाने जाते हैं। युवा, शिक्षित और प्रोफेशनल इमेज वाले नेता।

अजीत पाल सिंह (राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार - प्रमोशन)
अजीत सिंह पाल का जन्म 21 अगस्त 1978 को कानपुर देहात में हुआ। वह बीटेक, एमटेक और एमबीए हैं। सिकंदरा (कानपुर देहात) से विधायक हैं। पिता मथुरा प्रसाद पाल बसपा सरकार में राज्यमंत्री रह चुके हैं। पहले इलेक्ट्रॉनिक्स, आईटी और विज्ञान-प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री रहे। अब स्वतंत्र प्रभार बनाए गए। इंजीनियरिंग बैकग्राउंड, अवसंरचना, आईटी और औद्योगिक विकास पर फोकस रहा। क्षेत्र में मजबूत जनसंपर्क।

हंसराज विश्वकर्मा (राज्यमंत्री)
हंसराज विश्वकर्मा का जन्म 1969 में वाराणसी के कंचनपुर गांव में हुआ। वह परास्नातक हैं। वाराणसी जिला भाजपा अध्यक्ष कई बार रहे। विधान परिषद सदस्य भी रहे। वह अति पिछड़ी (विश्वकर्मा) जाति से आते हैं। प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र से हैं। संगठनात्मक पृष्ठभूमि मजबूत, जिला स्तर पर लंबा अनुभव है। सामाजिक न्याय, पिछड़ों के उत्थान और काशी विकास पर सक्रिय हैं। पार्टी में विश्वसनीय और मेहनती कार्यकर्ता के रूप में पहचान है।

सुरेंद्र दिलेर (कैबिनेट मंत्री)
सुरेंद्र दिलेर अलीगढ़ जिले की खैर सीट से 2024 उपचुनाव में भाजपा विधायक बने। वह स्नातक पास हैं। दलित (वाल्मीकि) समाज से हैं। पूर्व सांसद स्व. राजवीर दिलेर के पुत्र और पूर्व विधायक स्व. किशन लाल दिलेर के पौत्र हैं। परिवार की गहरी राजनीतिक विरासत है। कृषि और पेट्रोल पंप व्यवसाय से जुड़े हैं। युवा नेता, क्षेत्रीय मुद्दों और दलित उत्थान पर फोकस रहता है। उपचुनाव में मजबूत जीत के साथ राजनीतिक करियर की शुरुआत।

कृष्णा पासवान (कैबिनेट मंत्री)
कृष्णा पासवान का जन्म 1 अगस्त 1963 को फतेहपुर में हुआ। वह इंटरमीडिएट पास हैं। खागा सीट से चार बार (2002, 2012, 2017, 2022) विधायक हैं। पासी समाज से आती हैं। भाजपा संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं। महिला सशक्तिकरण, बाल विकास और ग्रामीण मुद्दों पर आवाज उठाती रही हैं। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से राजनीति में आईं, संघर्षशील जीवन रहा है। महिला एवं बाल विकास समिति सभापति रह चुकीं हैं। फतेहपुर में भाजपा की विश्वसनीय महिला चेहरा हैं।

कैलाश राजपूत (कैबिनेट मंत्री)
कैलाश सिंह राजपूत का जन्म 1959 में हुआ। वह एलएलबी पास हैं। कन्नौज की तिर्वा सीट से 2022 में चौथी बार भाजपा विधायक बने। वह लोधी समाज से आते हैं। 1996 से राजनीति में हैं। भाजपा के अलावा सपा और बसपा में भी रहे हैं। अनुभवी नेता, क्षेत्रीय विकास और किसान मुद्दों पर सक्रियता रही। स्थानीय स्तर पर मजबूत पकड़ है।




 
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