उत्तर प्रदेश सरकार ने रामनवमी के अवसर पर दो दिन की छुट्टी घोषित कर श्रद्धालुओं को बड़ी राहत दी है। यह निर्णय मंदिरों में बढ़ती भीड़ और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए लिया गया है। लगातार अवकाश से लोगों को पूजा, यात्रा और दर्शन में सुविधा मिलेगी। प्रशासन को सुरक्षा के निर्देश दिए गए हैं।
रामनवमी पर सरकार ने 26 के साथ 27 मार्च को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है। कई संगठन इसकी मांग कर रहे थे। सीएम योगी के निर्देश पर इसका आदेश जारी कर दिया गया है। हालांकि 27 मार्च को घोषित रामनवमी का सार्वजनिक अवकाश निगोशियेबुल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1986 के अधीन नहीं होगी। इसका अर्थ है कि यह अवकाश केवल राज्य सरकार के कार्यालयों और संबंधित संस्थानों पर लागू रहेगा, जबकि बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से संचालित रहेंगी।
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मंदिरों में रामनवमी के दौरान श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है। हर साल इस पर्व पर बड़ी संख्या में लोग पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए मंदिरों में पहुंचते हैं, जिससे व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। ऐसे में अतिरिक्त अवकाश से लोगों को सुविधा मिलेगी और भीड़ प्रबंधन में भी मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस निर्णय के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया है कि सरकार आस्था और परंपराओं के सम्मान के लिए प्रतिबद्ध है। प्रशासन को भी निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। लगातार दो दिन की छुट्टी से श्रद्धालुओं को न केवल धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लेने का अवसर मिलेगा, बल्कि यात्रा और दर्शन भी अधिक सहज हो सकेंगे।