प्राविधिक शिक्षा के बजट में 72 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 2,365 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। प्रदेश में डिप्लोमा स्तरीय 195 संस्थाओं में प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है। 23 राजकीय पालीटेक्निक निर्माणाधीन/अवस्थापना की प्रक्रिया में है। राजकीय पालीटेक्निकों में नवीन टेक्नोलॉजी से सुसज्जित उन्नयान तथा एक्सीलेंस सेन्टर की स्थापना किये जाने पर लगभग 714 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। राजकीय पालीटेक्निकों में 251 स्मार्ट क्लास रूम की स्थापना की जा चुकी है तथा 143 स्मार्ट क्लास रूम स्थापित किये जाने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। राजकीय पॉलीटेक्निकों के उन्नयन तथा अवस्थापना सुविधाओं के विकास की योजना हेतु 254 करोड़ रुपये तथा राजकीय पालीटेक्निकों की स्थापना हेतु 50 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। यह प्रावधान उद्योगों की आवश्यकता के अनुरूप कुशल मानव संसाधन तैयार करने में सहायक होगा।
व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास: व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास के बजट में 88 प्रतिशत की वृद्धि करते हुए 3,349 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। प्रदेश में 286 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं, जिनमें विभिन्न व्यवसायों की 1,90,272 सीटें युवाओं के प्रशिक्षण हेतु उपलब्ध हैं। प्रदेश के विभिन्न राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में से 47 में महिलाओं के प्रशिक्षण को लेकर महिला शाखा संचालित कराई जा रही है। महिलाओं के लिए 12 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्वतंत्र रूप से संचालित हैं। प्रदेश में 2,963 से अधिक निजी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान संचालित हैं, जिनमें 4.58 लाख से अधिक सीटें उपलब्ध हैं।
टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के सहयोग से फेज-1 के अन्तर्गत चयनित 149 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों का उन्नयन कर प्रशिक्षण प्रारम्भ किया जा चुका है। फेज-2 के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2025-2026 में टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड के सहयोग से 62 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के उन्नयन कार्य प्रगति पर हैं। कौशल विकास मिशन के संचालन हेतु प्रशिक्षण व्यय के लिये 1,000 करोड़ रुपये तथा दस्तकार प्रशिक्षण योजना के अंतर्गत लगभग 836 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रोजेक्ट प्रवीण के लिये 500 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री शिक्षुता प्रशिक्षण योजना के लिए 20 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।