लखनऊ। एनीमिया पर हम सबको मिलकर वार करना है। सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठा रही है। अत्याधुनिक मशीनों से मरीजों का उपचार किया जा रहा है। एनीमिया मुक्त भारत के सपने को साकार करने में यूपी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ये बातें डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहीं। वह शनिवार को केजीएमयू में हुए उत्तर प्रदेश में एनीमिया निवारण (प्रगति की ओर बढ़ते कदम) कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने एनीमिया मुक्त भारत के संकल्प को अपनी प्राथमिकता में अव्वल नंबर पर रखा है। इसलिए स्वास्थ्य सेवाओं को अप-टू-डेट किया है। डिजिटल हीमोग्लोबिनोमीटर जैसे आधुनिक उपकरणों का उपयोग गांव-गांव तक बढ़ाया है। इस बीमारी को मात देने के लिए सरकार ने कौशल पर भी ध्यान दिया है। पूरे प्रदेश में दस हजार से अधिक चिकित्सा अधिकारियों एवं स्टाफ नर्सों को प्रशिक्षित किया गया है। हमें डिजिटल तकनीक से उपचार कर एनीमिया के मरीजों की रियल टाइम ट्रैकिंग सुनिश्चित करनी है। इस दौरान डिप्टी सीएम ने नेशनल कॉन्क्लेव ऑन एनीमिया रिडक्शन विषयक स्मारिका का विमोचन किया।
इस दौरान परिवार कल्याण के महानिदेशक डॉ. हरिदास अग्रवाल, प्रशिक्षण महानिदेशक डॉ. रंजना खरे, डॉ. अंजू अग्रवाल, डॉ. मोनिका अग्रवाल, डॉ. शुचि अग्रवाल, गेट्स फाउंडेशन से डॉ. गुंजन तनेजा, डॉ. शैलेंद्र हेगड़े आदि उपस्थित रहे।
भोजन के ठीक बाद चाय-काफी पीने से बचें
कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद ने कहा कि एनीमिया को दूर करने के लिए संतुलित आहार और समय पर इलाज बेहद जरूरी है। आयरन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे हरी सब्जियां, दालें, गुड़, चुकंदर और अनार का नियमित सेवन करना चाहिए। इसके साथ ही विटामिन सी वाले फल जैसे संतरा और आंवला आयरन के अवशोषण में मदद करते हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह से आयरन की दवाएं भी ली जा सकती हैं। भोजन के तुरंत बाद चाय-कॉफी से बचना चाहिए।
कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक।
कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक।
कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक।