राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने प्रदेश सरकार और विद्युत नियामक आयोग से मांग की है कि बिजली दरों में पांच साल तक करीब आठ फीसदी की कमी की जाए। क्योंकि वितरण निगमों पर उपभोक्ताओं का करीब 33122 करोड़ रुपया बकाया चल रहा है। बिजली दर में कमी करके निगम उपभोक्ताओं का बकाया लौटाए। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली दरों के नए ऐलान में लगातार देरी की जा रही है। उपभोक्ताओं का बिजली निगमों में 33122 करोड़ सरप्लस पहले से चल रहा है, जबकि करीब 4000 करोड़ इस बार भी बढ़ जाएगा। ऐसे में नियमानुसार प्रदेश में किसी भी कीमत पर बिजली दर नहीं बढ़ाई जा सकती है। उपभोक्ताओं का निगमों पर लंबे समय से सरप्लस चल रही रकम की अदायती के लिए पांच साल तक कम से कम आठ फीसदी की तरह से बिजली कम की जाए।