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यूपी: खुली बगावत के बाद भी अपने विधायकों को लेकर असमंजस में क्यों है सपा? पार्टी ने क्यों नहीं निकाला बाहर?

Fri, 09 Aug 2024 12:13 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

SP rebel MLA: राज्यसभा चुनाव में सपा के सात विधायकों ने पार्टी के खिलाफ जाकर वोटिंग की थी। सपा की तरफ से अभी तक इनको निकालने की कार्रवाई नहीं की गई। 
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लोकसभा चुनाव में अमित शाह के साथ दिखे थे मनोज पांडेय। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अपने बागी विधायकों पर कार्रवाई को लेकर सपा असमंजस में है। यही वजह है कि दल-बदल कानून के तहत इनकी सदस्यता रद्द करने के लिए अभी तक विधानसभा अध्यक्ष को कोई अर्जी नहीं दी गई है। जबकि, इस कानून के तहत कार्रवाई के लिए नियमानुसार ऐसा किया जाना जरूरी है।

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फरवरी में हुए राज्यसभा चुनाव में सपा के सात विधायकों ने भाजपा प्रत्याशी संजय सेठ को अपना वोट दिया था। इनमें सपा के मुख्य सचेतक मनोज पांडेय, विधायक राकेश प्रताप सिंह, अभय सिंह, राकेश पांडेय, पूजा पाल, विनोद चतुर्वेदी और आशुतोष मौर्य ने शामिल थे। मनोज पांडेय ने तो लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के साथ मंच भी साझा किया था।

वहीं, सपा के सूत्रों का कहना है कि बागी विधायकों के खिलाफ पुख्ता सुबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं, ताकि बच निकलने का कोई मौका न मिले। इस संबंध में शीघ्र ही विधानसभा अध्यक्ष के यहां याचिका दी जाएगी।
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मनोज पांडेय के घर गए थे अमित शाह
सपा से बगावत करने वाले नेताओं में सबसे बड़ा नाम मनोज पांडेय का था। बीते लोकसभा चुनाव में उन्होंने खुलकर भाजपा के पक्ष में जनसभाएं कीं। शुरुआती दौर में वह रायबरेली से भाजपा के उम्मीदवाद दिनेश प्रताप सिंह के मंचों पर नहीं गए। नामांकन में भी शामिल नहीं हुए। बाद में गृहमंत्री अमित शाह उनसे मिलने के लिए उनके घर गए। बाद में ऊंचाहार की रैली में मनोज पांडेय शरीक हुए और भाजपा प्रत्याशी के लिए वोट भी मांगे। लोकसभा चुनाव बीत जाने के बाद भी सपा ने मनोज पांडेय को पार्टी ने नहीं निकाला। बस उनके पास मौजूद मुख्य सचेतक का पद उनसे ले लिया। 

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