इन्वेस्ट यूपी के एक अधिकारी ने निकांत जैन का नंबर दिया, जिसने परियोजना मंजूरी के लिए पांच फीसदी हिस्सा मांगा था। जैन पर एफआईआर के साथ प्रकाश के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और सतर्कता जांच शुरू हुई थी। जिसे अब रद्द कर दिया गया है।
हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने बृहस्पतिवार को आईएएस अधिकारी अभिषेक प्रकाश के खिलाफ एक औद्योगिक परियोजना से जुड़ी सतर्कता जांच रद्द कर उन्हें राहत दी है।
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न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने प्रकाश की याचिका स्वीकार करते हुए सरकार के 20 मार्च और 28 मार्च, 2025 के आदेशों सहित जांच रद्द की। यह मामला 20 मार्च, 2025 को एक कंपनी के अधिकारी की शिकायत से जुड़ा है।
आरोप था कि इन्वेस्ट यूपी के एक अधिकारी ने निकांत जैन का नंबर दिया, जिसने परियोजना मंजूरी के लिए पांच फीसदी हिस्सा मांगा था। जैन पर एफआईआर के साथ प्रकाश के खिलाफ विभागीय कार्रवाई और सतर्कता जांच शुरू हुई थी। बाद में कंपनी अधिकारी बिस्वजीत दत्ता ने हलफनामे में शिकायत को भ्रम और गलतफहमी के कारण बताया।