अग्निकांड की घटनाओं को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष संवेदनशीलता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कहीं जनहानि या पशुहानि होती है तो 24 घंटे के भीतर राहत राशि दी जाए और पात्र लोगों को कृषक दुर्घटना बीमा योजना का लाभ मिले। जिन परिवारों के घर क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, उन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत प्राथमिकता पर घर उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि राहत और पुनर्वास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तय की जाएगी।
प्रदेश में जारी बेमौसम वर्षा, तड़ित झंझावत और ओलावृष्टि के दौर से बृहस्पतिवार से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, शुक्रवार से राज्य में मौसम पूरी तरह शुष्क हो जाएगा, जिससे लोगों को राहत मिलेगी। यह मौसमी बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ और निचले क्षोभमंडल में बने चक्रवाती परिसंचरण के कारण हो रहा था, जिसने पूरे प्रदेश को प्रभावित किया है।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ मध्य एवं ऊपरी क्षोभमंडल में बना हुआ था। यह उत्तरी पाकिस्तान और संलग्न जम्मू-कश्मीर के आसपास एक चक्रवाती परिसंचरण के रूप में केंद्रित था। इसके अतिरिक्त, निचले क्षोभमंडल में प्रदेश के उत्तर-पश्चिमी भाग पर एक और चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है। यह परिसंचरण मणिपुर तक एक द्रोणी के रूप में फैला हुआ है, जिससे राज्य के विभिन्न हिस्सों में बारिश और ओलावृष्टि हुई। बुधवार को प्रदेश के ऊपरी क्षोभमंडल से इन मौसमी प्रणालियों में प्रभावी कमी आने की संभावना है। इस कमी के बाद बृहस्पतिवार से मौसम में धीरे-धीरे सुधार शुरू हो जाएगा। शुक्रवार से मौसम पूर्णतया शुष्क होने की संभावना है, जिससे किसानों को बड़ी राहत मिलेगी।
मौसम में सुधार के साथ ही प्रदेश के अधिकतम तापमान में भी महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिलेगा। आगामी चौबीस घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की जा सकती है। यह गिरावट हल्की ठंडक का अनुभव कराएगी। हालांकि, उसके बाद के दिनों में तापमान में आठ से दस डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी होने की संभावना है। यह बढ़ोतरी मौसम को सामान्य स्थिति में लाएगी और गर्मी का अनुभव कराएगी।
हैदरगढ़ क्षेत्र के देवइचा गांव निवासी बलिकरन (60) बुधवार सुबह बारिश के बाद गेहूं का खेत देखने गए थे। घर लौटने पर अचानक बेहोश हो गए। परिजन सीएचसी हैदरगढ़ लेकर पहुृंचे, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। ग्रामीणों के अनुसार बारिश से बर्बाद फसल को देखकर वह चिंतित थे। इसी कारण उन्हें हार्ट अटैक आया।
मात्र 24 घंटे में मौसम के बदले मिजाज ने राजधानी में अप्रैल के महीने में नवंबर जैसा अहसास करा दिया। सुबह से शुरु हुई रिमझिम बारिश दिन में रुक-रुककर होती रही। हालांकि इस दौरान धूप भी निकली और बादलों की आवाजाही भी लगी रही। इस बदलाव से अधिकतम तापमान पर पारा 7.5 डिग्री का गोता लगाते हुए 34.5 डिग्री से 27 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। मंगलवार रात की बारिश 5.3 मिमी दर्ज की गई जबकि बुधवार को शाम तक तीन मिमी बारिश हुई।