दोपहर के समय जाम लगने की समस्या खत्म नहीं हो रही है।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्या को दूर करने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इसमें यातायात विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों व संबंधित थानों के प्रभारियों की जिम्मेदारी भी तय की गई है। साथ ही नो एंट्री, नो पार्किंग, गलत दिशा में ड्राइविंग, अतिक्रमण, ई-रिक्शा संचालन के संबंध में निर्देश दिए गए हैं। एसओपी में आसपास के दफ्तरों और स्कूलों के छूटने के समय में 15-15 मिनट के अंतराल की सिफारिश भी की गई है।
दरअसल, डीजीपी ने मंगलवार को 20 शहरों के 172 मार्गों को ट्रैफिक जाम से मुक्त कराने के लिए रिड्यूसिंग ट्रैफिक कंजेशन स्कीम (सीआरटीसी) की शुरुआत की थी। इसी क्रम में एसओपी जारी की गई है। इसमें रूट मार्शल की तैनाती, यात्रा का समय कम करने का जिक्र है। साथ ही व्यस्त चौराहों व तिराहों के 100 मीटर के क्षेत्र को पूरी तरह खाली रखने को कहा गया है। इस क्षेत्र में किसी भी सवारी तो उतारा या बैठाया नहीं जा सकेगा। अधिक यातायात दबाव वाले क्षेत्रों में पीक ऑवर में अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती होगी। नो एंट्री का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपये, नो पार्किंग एवं अवैध पार्किंग पर पहली बार में 500 रुपये और उसके बाद 2000 रुपये जुर्माना, गलत दिशा में वाहन चलाने पर 2000 रुपये जुर्माना लेने का निर्देश दिया गया है। अतिक्रमण हटवाने, सड़कों को चौड़ा करने, मुख्य मार्गों को ई-रिक्शा मुक्त क्षेत्र घोषित करने समेत कई अन्य उपाय भी बताए गए हैं।