उम्मीद पोर्टल सेंटर में इंट्री कराने आए लोग (फाइल फोटो)
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लखनऊ में उम्मीद पोर्टल पर मुतवल्लियों को 15 फरवरी तक वक्फ संपत्तियों का विवरण अपलोड करना होगा। तय समय पर संपत्तियों का पंजीकरण न कराने वाले मुतवल्लियों को 20 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक का जुर्माना देना होगा। सुन्नी वक्फ बोर्ड ने बुधवार को पोर्टल की वेबसाइट दोबारा खुलने के बाद सख्त रुख अपनाते हुए वक्फ पंजीकरण के लिए निर्देश जारी किए है।
दरअसल, उम्मीद पोर्टल पर करीब 50 हजार वक्फ संपत्तियों का पंजीकरण न हो पाने बाद उत्तर प्रदेश सुन्नी वक्फ बोर्ड ने उत्तर प्रदेश वक्फ न्यायाधिकरण में प्रार्थना पत्र दिया था। न्यायाधिकरण ने बोर्ड की मांग को स्वीकार्य कर पंजीकरण करने के लिए 6 महीने का समय बढ़ा कर 5 जून 2026 कर दिया है। अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने बुधवार को उम्मीद पोर्टल वेबसाइट को दोबारा से खोल दिया है। ऐसे में बोर्ड ने शत प्रतिशत कार्य को अंजाम देने के लिए पोर्टल पर वक्फ पंजीकरण, सत्यापन और अनुमोदन के लिए समय तय किया है।
सुन्नी वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर फारूकी ने बताया कि वक्फ के मुतवल्लियों व प्रबंध समितियों को पोर्टल पर 15 फरवरी तक वक्फ संपत्तियों का विवरण अपलोड हर हाल में करना होगा ताकि वक्फ न्यायाधिकरण से मिले समय सीमा के भीतर पोर्टल पर अपलोड की गई सभी वक्फ का सत्यापन और अनुमोदन बोर्ड के चेकर्स एवं अप्रूवर्स कर सके।
उन्होंने बताया कि तय समय के भीतर वक्फ संपत्तियों का विवरण अपलोड न करने वाले मुतवल्लियों और प्रबंध समितियों के खिलाफ वक्फ अधिनियम 1995 की धारा 61 के अंतर्गत कार्यवाही की जाएगी। इसमें मुतवल्लियों को छह मास तक का कारावास और 20 हजार रुपये से एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है।
उन्होंने बताया कि 15 फरवरी तक मुतवल्ली पोर्टल पर वक्फ का विवरण अपलोड करेंगे। इसके बाद बोर्ड के चेकर 15 अप्रैल तक वक्फ का सत्यापन करेंगे। इसके बाद बोर्ड के अप्रूवर्स 5 जून तक अनुमोदन का कार्य करेंगे। उन्होंने बताया कि पंजीकरण के लिए बोर्ड ने कोई शुल्क तय नहीं किया है। मुतवल्ली खुद या किसी जन सुविधा केंद्र के जरिए पोर्टल पर वक्फ संपत्ति का विवरण अपलोड कर सकते हैं।