कानपुर घंटाघर से तीन साल के मासूम को अकेला पाकर दो युवक उसे उठाकर लखनऊ ले आए। रविवार को दोनों युवक बच्चे के साथ लखनऊ जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर छह के पश्चिमी छोर पर बैठे थे। बच्चा लगातार रो रहा था। इस पर ड्यूटी कर रहे आरपीएफ के उपनिरीक्षक वीरेंद्र कुमार को शक हुआ। पूछताछ में दोनों युवक बच्चे को कानपुर से उठाकर लाने की बात बताने लगे। आरपीएफ ने दोनों को पकड़कर बच्चे समेत जीआरपी के सुपुर्द कर दिया।
आरपीएफ प्रभारी अमित राय ने बताया कि एक नवंबर को उपनिरीक्षक वीरेंद्र कुमार लखनऊ जंक्शन पर ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर प्लेटफॉर्म नंबर छह के पश्चिमी छोर पर बैठे दो युवकों पर पड़ी। उनके साथ करीब तीन साल का बच्चा था जो लगातार रो रहा था। उपनिरीक्षक ने युवकों से बच्चे और उसके रोने की वजह पूछी, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों ने बच्चे को कानपुर घंटाघर से अकेला पाकर उठाकर लाने की बात बताई।
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पकड़े गए युवकों की पहचान बहराइच के कैसरगंज स्थित हाजीपुर गांव निवासी अखिलेश कुमार वर्मा (25) और कृपा राम वर्मा (26) के रूप में हुई। आरपीएफ ने दोनों युवकों को बच्चे के साथ जीआरपी चौकी लखनऊ जंक्शन को सौंप दिया। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अभिषेक सिंह को सौंपी गई है। पुलिस बच्चे को कानपुर में किन परिस्थितियों में और कहां से उठाया गया था, इसकी जांच कर रही है।