असाध्य रोग से ग्रस्त महिला मरीज को निजी अस्पताल के दलाल पीजीआई गेट से उठा ले गए। परिजनों को कम खर्च में बेहतर इलाज का झांसा देकर नव बालाजी हॉस्पिटल में भर्ती करा दिया। भर्ती होने के कुछ ही घंटों में मरीज की मौत हो गई। पति का आरोप है पीजीआई इमरजेंसी में मरीज को भर्ती नहीं लिया गया था। मरीज की हालत बिगड़ चुकी थी। निजी अस्पताल में मौत के बाद भी वेंटिलेटर पर रखा गया था। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
बिहार मोतिहारी चंपारण निवासी मंगल राम की पत्नी रीता देवी 41 असाध्य रोग से ग्रस्त थी। दो साल से पीजीआई में इलाज चल रहा था। सोमवार को हालत बिगड़ने पर परिजन पहले पीजीआई इमरजेंसी ले गए। वहां पर काफी देर इंतजार के बाद भी मरीज को भर्ती नहीं किया गया। मरीज की सांस उखड़ता देख परिजन लोहिया संस्थान ले जा रहे थे तभी पीजीआई गेट पर मिले दलालों ने बेहतर इलाज का झांसा देकर सोमवार शाम चार बजे बालाजी नर्सिंग होम में भर्ती करा दिया।