उत्तर प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न जनपदों में मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्द्धन योजना के तहत 750.32 लाख रुपये की लागत से 35 पर्यटन विकास से सम्बंधित योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन परियोजनाओं से सम्बंधित कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य में समयबद्धता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये हैं।
यह जानकारी आज यहां पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्द्धन योजना के तहत गोरखपुर के विधान सभा क्षेत्र सहजनवा के ग्राम सहजूपार, पिपरौली स्थित रामजानकी स्थल का पर्यटन विकास 48.16 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इसी प्रकार चिल्लूपार में समय माता (भीटी) स्थान का पर्यटन विकास 47.98 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है।
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पर्यटन मंत्री ने बताया कि जनपद गोरखपुर के विधान सभा क्षेत्र गोरखपुर ग्रामीण के जंगला सिकटी में स्थित बान पोखर दुर्गा स्थल का पर्यटन विकास 48.02 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इसी प्रकार कुशीनगर के विधान सभा क्षेत्र खड्डा में पथलहवा शिव स्थल का पर्यटन विकास 47.16 लाख रुपये विधानसभा क्षेत्र रामकोला के कुलकुला धाम स्थल का पर्यटन विकास 48.56 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि कुशीनगर के विधानसभा क्षेत्र फाजिलनगर के तुर्कपट्टी में सूर्य स्थल का पर्यटन विकास 48.52 लाख रुपये, विधान सभा क्षेत्र रूद्रपुर स्थित परम सुन्दरी दुर्गा मंदिर का पर्यटन विकास 49.37 लाख रुपये की लागत से तथा विधानसभा क्षेत्र रामपुर कारखाना के लाहिलपार मंदिर स्थल का पर्यटन विकास 49.47 लाख रुपये तथा भाटपार रानी ग्राम सरयां में स्थित सपाती माता मंदिर का पर्यटन विकास 47 लाख रुपये के व्यय से कराया जा रहा है।
जयवीर सिंह ने बताया कि जनपद देवरिया के विधान सभा क्षेत्र पथरदेवा के बघौच घाट स्थल का पर्यटन विकास 47.54 लाख, बलिया के विधान सभा क्षेत्र बेलतरा रोड स्थित खैराकुटी आश्रम स्थल का पर्यटन विकास 40.08 लाख रुपये की लागत से कराया जा रहा है। इसी प्रकार बलिया जनपद की तीन, चंदौली की दो, इटावा औरैया की दो कन्नौज की तीन, आगरा, झांसी, जालौन की तीन, गोण्डा की तीन, बदायूं, बिजनौर की दो, मैनपुरी तथा अलीगढ़ की विभिन्न पर्यटन विकास योजनाओं का पर्यटन विकास का कार्य कराया जा रहा है।