‘प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि’(पीएम स्वनिधि) योजना के तहत शहरी पथ विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर) को ऋण मुहैया कराने में यूपी ने मध्यप्रदेश व तेलंगाना को पछाड़ कर शीर्ष स्थान हासिल किया है। इससे पहले भी राज्य को स्ट्रीट वेंटरों को चिह्नित कर उनका पंजीकरण कर ऋण आवेदन लेने में राज्य को पहला स्थान मिल चुका है। अब तक सभी 707 नगर निकायों में 7.48 लाख स्ट्रीट वेंडरों को ऋण के लिए पंजीकृत किया जा चुका है। इनमें से सोमवार तक 3.92 लाख वेंडरों के ऋण को मंजूरी दी जा चुकी है।
राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन (एनयूएलएम) व सूडा के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि दो दिन पहले तक पंजीकरण के मामले में मध्यप्रदेश और तेलंगाना शीर्ष थे, लेकिन सर्वाधिक पंजीकरण कर ऋण वितरण में यूपी पहले स्थान पर पहुंच गया है। पंजीकृत वेंडरों को तेजी से ऋण उपलब्ध कराने के लिए वाणिज्यिक बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक, लघु वित्त बैंक, सहकारी बैंक, गैर बैकिंग वित्तीय कंपनियों से संपर्क किया जा रहा है। उन्होंने बताया सभी नगर निकायों में अब तक कुल 8.34 लाख स्ट्रीट वेंडरों को चिह्नित किया गया है। इनमें से 7.48 लाख वेंडरों को पंजीकृत किया गया है। इनमें से 5.42 लाख वेंडरों को पहचान पत्र वितरित किए जा चुके हैं।