केंद्र सरकार ने चालू वित्तीय वर्ष के लिए मनरेगा की कार्ययोजना और पहली किस्त के बजट को मंजूरी दे दी है। इस बार प्रदेश में मनरेगा के तहत 16.32 लाख मानव दिवस के लिए 4380 करोड़ की कार्ययोजना पर मुहर लगी है।
पहली किस्त में प्रदेश को 813.97 करोड़ रुपये मिलेंगे। यह पिछले साल की पहली किस्त से करीब 681 करोड़ ज्यादा है। यह पैसा जल्दी ही प्रदेश को मिलने की संभावना है। इसके बाद नए काम के साथ मजदूरी व बकाये का भुगतान शुरू हो जाएगा।
प्रदेश में इस बार मनरेगा का बजट बीते 31 मार्च के पहले ही खत्म हो गया था। इससे मजदूरों की मजदूरी का भी भुगतान नहीं हो सका। पिछले वित्तीय वर्ष में मनरेगा के तहत कराए गए काम का 380.95 करोड़ बकाया है। इसमें 244.25 करोड़ रुपये श्रमिकों की मजदूरी है।
हालांकि केंद्र ने नए वित्त वर्ष के पहले पखवारे में ही पहली किस्त के लिए 813 करोड़ 97 लाख 10 हजार रुपये की स्वीकृति दे दी है। ग्राम्य विकास विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि तीन-चार दिन में पहली किस्त का पैसा मिलने की संभावना है। इसके बाद तेजी से नई कार्ययोजना पर काम शुरू हो जाएगा। साथ ही श्रमिकों की मजदूरी और संविदा कर्मियों का भुगतान भी किया जा सकेगा।
404 पिछड़े ब्लॉकों को बजट में तवज्जो
केंद्र ने पिछले वित्त वर्ष में ही पिछड़ेपन के आधार पर बजट आवंटन की नई नीति बनाई थी। इसके तहत सबसे पिछड़े ब्लॉकों में पहले से ज्यादा और सामान्य ब्लॉकों को पहले की तरह बजट देने की योजना बनाई गई है।
पिछड़ेपन के आधार पर प्रदेश में 404 ब्लॉक चिह्नित किए गए थे। केंद्र ने चालू वित्त वर्ष के लिए सूबे की जो 16.32 लाख मानव दिवस की कार्ययोजना को मंजूरी दी है उसमें 1095.22 लाख मानव दिवस पिछड़े ब्लाकों के लिए और 537.12 लाख मानव दिवस सामान्य ब्लॉकों के लिए है।
हालांकि केंद्र ने स्पष्ट किया है कि यदि काम की मांग बढ़ी और खर्च बेहतर रहा तो अक्तूबर बाद वह श्रम बजट को बढ़ा देगा।
मजदूरी भुगतान में देरी पर केंद्र ने चेताया
केंद्र ने मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी के भुगतान में देरी को गंभीरता से लिया है। केंद्र ने चालू वित्त वर्ष की कार्ययोजना की स्वीकृति देते हुए राज्य सरकार को चेताया है कि यदि भुगतान में देरी के मामले 10 फीसदी से ज्यादा बढ़े तो वह प्रदेश के फंड को जारी करने पर पुनर्विचार करेगा।
पांच रुपये बढ़ेगी मजदूरी
केंद्र सरकार ने मनरेगा श्रमिकों की मजदूरी को बढ़ा दिया है। नई मजदूरी एक अप्रैल से लागू मानी जाएगी। मजदूरी की मौजूदा दर 156 रुपये को बढ़ाकर 161 करने की अधिसूचना जारी कर दी गई है। ग्राम्य विकास विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रदेश सरकार भी बढ़ी मजदूरी लागू करने का आदेश जल्द ही जारी कर देगी। इस संबंध में कार्यवाही शुरू कर दी गई है।
पिछले साल से बजट घटा, बेहतर खर्च तो बढ़ेगा
मनरेगा में वित्त वर्ष 2015-16 का लेबर बजट पहले से घट गया है। इसकी वजह पिछले साल कम बजट का खर्च होना माना जा रहा है। 2014-15 में केंद्र ने 20.17 करोड़ मानव दिवस के लिए 5160 करोड़ की कार्ययोजना ही मंजूर की थी।
मगर, पूरे साल में काम सिर्फ 3493.55 करोड़ का ही काम हुआ। अधिकारी बताते हैं कि इस बार केंद्र ने चालू वित्त वर्ष के लिए 16.32 करोड़ मानव दिवस के लिए 4380 करोड़ रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी दी है। यह पिछले साल किए गए काम से मामूली ज्यादा है।