लखनऊ के हसनगंज क्षेत्र में बंद पड़ी एक दाल मिल की छत पर एक नर कंकाल पड़ा मिला। यह करीब एक से डेढ़ वर्ष पुराना बताया जा रहा है। पड़ोस में ही क्रिकेट खेल रहे बच्चों की गेंद मिल की छत पर जाने के बाद लोगों को इसकी जानकारी हुई।
शुरुआती जांच में हत्या के बाद शव यहां फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने कंकाल को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। मामले में फॉरेंसिक एक्सपर्ट की भी मदद ली जा रही है।
एसओ हसनगंज धीरज सिंह ने बताया कि पतौरागंज में सुशील कुमार अग्रवाल की दाल मिल थी। दस वर्ष पहले किन्हीं कारणों से दाल मिल बंद हो गई। इसके बाद से ही मिल का दो मंजिला भवन वीरान पड़ा रहा। कुछ वर्ष पहले सुशील ने भवन के ग्राउंड फ्लोर पर प्रॉपर्टी डीलिंग का दफ्तर खोला था।
करीब एक वर्ष पहले अचानक दफ्तर भी बंद हो गया। 15 दिन पहले सुशील ने इस जर्जर भवन को तुड़वाने का काम शुरू कराया। अचानक वह भी बंद हो गया। शनिवार को पड़ोस में क्रिकेट खेल रहे बच्चों की गेंद मिल की छत पर चली गई। बच्चे गेंद उठाने गए तो उन्हें नर कंकाल पड़ा दिखा।
सिर पर वार कर मारने की आशंका
पड़ोसी अरुण को उनके बेटे ने यह जानकारी दे दी। रविवार सुबह अनिल ने अन्य लोगों से इसका जिक्र किया। फिर दुकानदार तमीम ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस के अनुसार कंकाल युवक का लग रहा है, जिसकी उम्र 20 से 35 वर्ष के बीच रही होगी। उसने नीली जींस और मटमैली शर्ट पहन रखी थी। गले में आर्टीफिशियल मोती की माला पड़ी थी। सिर की हड्डी पर चोट के निशान दिखाई दे रहे थे।
आशंका जताई जा रही है कि सिर पर चोट पहुंचाकर हत्या की गई और फिर लाश को यहां छुपा दिया गया। पुलिस के अनुसार पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा। कपड़ों के आधार पर आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है लेकिन देर रात तक पुलिस को कोई सफलता नहीं मिल सकी।
भाग गए थे मजदूर
पड़ोसियों ने बताया कि मिल के जर्जर भवन को तुड़वाने का काम करीब पंद्रह दिन पहले शुरू हुआ था। मजदूरों दूसरे तल की छत भी तोड़ी। बताया जा रहा है कि अचानक मजदूर वहां से काम छोड़कर भाग गए। चर्चा है कि कंकाल देखने के बाद ही वहां से मजदूर भागे। इसकी सूचना किसी ने भी आज तक पुलिस को नहीं दी।
पहले आई थी दुर्गंध पर मरा जानवर समझकर टाला
दालमिल के आसपास घनी आबादी है। लोगों को एक वर्ष पहले भी दुर्गंध महसूस हुई थी। मोहल्ले में इसकी चर्चा भी रही लेकिन लोगों ने वहां किसी मरे हुए जानवर को पड़ा समझकर टाल दिया।
अचानक बंद हुआ दफ्तर
मिल के ग्राउंड फ्लोर पर प्रॉपर्टी डीलिंग का दफ्तर चल रहा था। दफ्तर खुद सुशील ने ही खुलवाया था। बताया जाता है कि अचानक दफ्तर बंद हो गया।
पहले छत पर जाने के लिए बाहर से सीढ़ी भी लगी हुई थी, जिसे हटवा दिया गया। शुरुआती जांच में पुलिस को कई सवालों के जवाब स्पष्ट नहीं मिल सके हैं। माना जा रहा है कि जिस का कंकाल बरामद हुआ, उसका यहां आना-जाना रहा होगा।
खंगाला जा रहा गुमशुदा लोगों का रिकॉर्ड
मामले में हसनगंज पुलिस ने गुमशुदा लोगों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू कर दिया है। नीली जींस पैंट, मटमैली शर्ट, कपड़े की बेल्ट, आर्टीफिशियल मोती की माला के आधार पर गुमशुदा लोगों से मिलान कराया जा रहा है। हसनगंज पुलिस ने कई थानों से भी संपर्क किया है। खासतौर से 20 से 35 वर्ष के बीच के लोगों का ब्यौरा खंगाला जा रहा है।