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बिजली समस्या के निदान को केंद्र की बड़ी सौगात

Sun, 30 Aug 2015 01:54 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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एटा जिले में प्रस्तावित प्रदेश की पहली 4000 मेगावाट क्षमता की अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना (यूएमपीपी) के लिए केंद्र सरकार ने स्पेशल परपज व्हीकल (एसपीवी) बनाने को हरी झंडी दे दी है। परियोजना को अब इसी एसपीवी के जरिये ही आगे बढ़ाया जाएगा।
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यूएमपीपी के लिए केंद्रीय बिजली सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चस्तरीय समिति ने एसपीवी के गठन की कार्यवाही शुरू करने के आदेश जारी करके बीते सप्ताह राज्य सरकार को इसकी सूचना भी भेज दी है।

यूएमपीपी के लिए राज्य सरकार ने एटा व फीरोजाबाद में जमीन चिह्नित करके केंद्र को रिपोर्ट भेजी थी। केंद्रीय बिजली मंत्रालय द्वारा बनाई गई स्थल चयन समिति ने इस साल के शुरू में ही एटा की साइट को उपयुक्त को बताते हुए केंद्र को अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी।
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रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद यूएमपीपी के लिए सचिव स्तरीय कमेटी ने एसपीवी बनाने को मंजूरी दे दी है।

यूएमपीपी को धरातल पर उतारने की दिशा में इसे एक बड़ा कदम माना जा रहा है। एसपीवी के गठन के बाद औपचारिक रूप से जमीन खरीदने के लिए कार्यवाही शुरू की जाएगी। परियोजना के लिए लगभग 40 रैक कोयले की जरूरत पड़ेगी।

पर... कोयले की आपूर्ति होगी बड़ी चुनौती

कोयले की आपूर्ति के लिए रेलवे को स्टडी कराकर रेलवे ट्रैक तैयार कराना है। इस परियोजना को लेकर केंद्र सरकार कुछ दुविधा में भी है क्योंकि ज्यादातर यूएमपीपी कोल पिट हेड (कोयला खदान के  मुहाने)पर हैं। ऐसे में एटा तक कोयला लाने में काफी खर्च आने की संभावना है।

ऐसे में यह भी परीक्षण कराया जा रहा है कि कहीं इसकी वजह से इस परियोजना से उत्पादित बिजली बहुत ज्यादा महंगी तो नहीं पड़ेगी।

भरोसेमंद सूत्रों के अनुसार औपचारिक रूप से एसपीवी के गठन के बाद जमीन खरीदने की कार्यवाही शुरू की जाएगी और यह तय किया जाएगा कि इसमें राज्य सरकार को कितनी धनराशि देनी है। साथ ही परियोजना से यूपी समेत अन्य राज्यों को आवंटित की जाने वाली बिजली का हिस्सा भी तय होना है।

कोयला खदान से काफी दूर होने की वजह से परियोजना के लिए कोयले की आपूर्ति एक बड़ी चुनौती होगी। इसके लिए रेलवे को स्टडी करके नए ट्रैक का खाका तैयार करना होगा।

साथ ही यह भी देखना होगा कि किस खदान से वहां कोयला लाना उपयुक्त रहेगा, जिससे बहुत ज्यादा लागत न आए। कोयले के मामले पर बिजली मंत्रालय अपने स्तर से भी स्टडी कराकर देखेगा कि खदान से इतनी दूर बिजलीघर लगाने से दिक्कतें तो नहीं खड़ी होंगी।
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पिछले साल केंद्र से किया गया था अनुरोध

प्रदेश में बिजली की जबर्दस्त किल्लत को देखते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिछले साल केंद्र से यूपी को यूएमपीपी की मंजूरी देने का अनुरोध किया था। जमीन, पानी, कोयले की उपलब्धता और इसके परिवहन, पर्यावरणीय पहलुओं, बिजली निकासी के आधार पर एटा साइट को उपयुक्त मानते हुए केंद्र की स्थल चयन समिति ने भी इसके लिए सिफारिश की।

समिति ने खास तौर पर पर्यावरणीय मंजूरी को ध्यान में रखते हुए एटा की सिफारिश की, क्योंकि फीरोजाबाद की साइट के ताज ट्रिपेजियम जोन के निकट होने की वजह से पर्यावरणीय मंजूरी में दिक्कत आ सकती है।

समिति ने कोयले की ढुलाई के लिए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरीडोर का सुझाव देते हुए परियोजना के लिए राज्य सरकार की ओर से 140 क्यूसेक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने पर भी जोर दिया है। राज्य सरकार ने इसके लिए हर तरह का सहयोग देने की बात कही है।

मामले पर प्रमुख सचिव ऊर्जा संजय अग्रवाल ने कहा ‘यूएमपीपी के लिए बिजली सचिव की अध्यक्षता वाली समिति ने एटा में अल्ट्रा मेगा पावर परियोजना के लिए एसपीवी के गठन के  आदेश जारी कर दिए हैं। बैठक की प्रोसीडिंग भी मिल गई है। एसपीवी के गठन के बाद परियोजना पर आगे की कार्यवाही शुरू होगी।’
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