फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: सीएम योगी बोले- बजट खर्च करने में कंजूसी न बरतें विभाग, धीमी प्रगति वालों को तेजी लाने का निर्देश

Fri, 02 Jan 2026 05:53 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट व्यय की समीक्षा करते हुए साफ कहा कि खर्च में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने समयबद्ध और प्रभावी बजट उपयोग के निर्देश दिए। 
विज्ञापन
सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को वित्तीय वर्ष 2025-26 में शासन द्वारा विभिन्न विभागों को जारी बजट के व्यय को लेकर वित्त विभाग की समीक्षा बैठक की। बैठक में वर्तमान वित्तीय वर्ष में विभागों के बजट प्राविधान के सापेक्ष शासन द्वारा जारी स्वीकृतियों, विभागाध्यक्षों द्वारा किए गए आवंटन और वास्तविक व्यय की अद्यावधिक स्थिति पर अधिक बजट प्राविधान वाले प्रमुख 20 विभागों का विस्तृत प्रस्तुतिकरण किया गया। मुख्यमंत्री ने समीक्षा के दौरान स्पष्ट शब्दों में कहा कि बजट खर्च करने में किसी भी स्तर पर कंजूसी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

विज्ञापन


उन्होंने सभी प्रमुख विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि समय से आवंटित बजट का पूरा और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाएं और परियोजनाएं तय समय में पूरी हों और प्रदेशवासियों को उनका लाभ मिल सके।

बजट को समय से खर्च करने के लिए हर स्तर पर एक-एक अधिकारी की जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है, वे इसमें तत्काल तेजी लाएं। बजट को समय से खर्च करने के लिए हर स्तर पर एक-एक अधिकारी की जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाए। उन्होंने अधिकारियों से निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि निर्णयों में देरी के कारण ही कई बार बजट समय से खर्च नहीं हो पाता। ऐसे में योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए तुरंत और प्रभावी निर्णय लिए जाएं।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कुछ विभागों में बजट व्यय की गति अपेक्षाकृत कम है। इसे सुधारने के लिए विभागीय मंत्री और अधिकारी आपसी समन्वय के साथ हर माह समीक्षा बैठक करें। साथ ही वित्त विभाग को निर्देश दिए कि जिन विभागों के आवंटित बजट का कोई अंश अभी तक किन्हीं कारणों से जारी नहीं हो पाया है, उसे तत्काल जारी किया जाए।

विज्ञापन


केंद्र सरकार से संबंधित योजनाओं के बजट को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि संबंधित विभागों के मंत्री, अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव दिल्ली जाकर सक्रिय रूप से पैरवी करें। इसके साथ ही केंद्र सरकार को पत्र भेजने और फोन के माध्यम से नियमित फॉलोअप करने के भी निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव भी पहल करें

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस विषय में मुख्य सचिव भी पहल करें। उन्होंने मुख्यमंत्री कार्यालय को निर्देश दिया कि जिन विभागों में बजट व्यय की प्रगति धीमी है, उन्हें चिन्हित कर उनके विभागीय मंत्रियों को मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से पत्र जारी किए जाएं।

बैठक में मुख्यमंत्री ने आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की तैयारियों को लेकर वित्त विभाग से कहा कि अगले वित्तीय वर्ष के बजट के लिए अभी से सभी विभागों के साथ बैठक कर बजट मांग की समीक्षा शुरू की जाए। बजट आवंटन से पहले विभागों के पिछले पांच वर्षों के खर्च का आंकलन किया जाए।

उसी आधार पर नई कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही केंद्र सरकार से आगामी बजट आवंटन को लेकर बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी जोर दिया, ताकि समय से केंद्रांश प्राप्त हो सके और योजनाओं के क्रियान्वयन में कोई बाधा न आए।

विज्ञापन






 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें