अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और नौकरशाही भाजपा के इशारे पर काम कर रहे हैं। भाजपा सांविधानिक संस्थाओं को अपने हिसाब से चला रही है, जिससे लोकतंत्र और संविधान खतरे में है। भाजपा के सत्ता से हटने पर ही यह संकट दूर होगा। यूपी की सभी 403 सीटों पर भाजपा की चारसौबीसी नहीं चलने देंगे।
डॉ. राममनोहर लोहिया की पुण्यतिथि पर लोहिया पार्क में श्रद्धांजलि देने के बाद पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश ने कहा कि चुनाव आयोग का रवैया भेदभावपूर्ण है। एसआईआर प्रक्रिया पर करोड़ों रुपये खर्च हुए, प्रचार हुआ और पूरा प्रशासन लगा, लेकिन अब दोबारा मतदाता सूची बनाने का अभियान चल रहा है। उन्होंने दावा किया कि एसआईआर के बावजूद मतदाता सूची में लाखों फर्जी वोट बन गए हैं।
अखिलेश ने कहा कि आजमगढ़ की सदर विधानसभा में विकास यादव नाम के एक व्यक्ति के दस वोट दर्ज हैं। उन्होंने चुनाव आयोग से सामने आकर यह स्पष्ट करने को कहा कि वह भाजपा के इशारे पर काम नहीं करेगा। आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने हर बूथ पर 200 वोट बढ़ाने के निर्देश दिए थे, क्योंकि सरकार चुनाव आयोग के माध्यम से अपने पक्ष में मतदाता सूची तैयार कराना चाहती है।
उन्होंने कहा कि भाजपा चाहती है कि सूची में केवल उसके सदस्यों के नाम रहें, जबकि वोट न होने पर नागरिकता पर भी सवाल खड़े हो सकते हैं। अखिलेश ने भाजपा सरकार पर पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों के साथ अमानवीय व्यवहार तथा महिला पत्रकारों से दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। उन्होंने भाजपा पर हिटलर की तर्ज पर निजी फोर्स बनाने का भी आरोप लगाया। इस दौरान शिवपाल सिंह यादव, राजेंद्र चौधरी और श्याम लाल पाल मौजूद रहे।