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यूपी: कमीशन पर डोनेशन ले रहे थे ये 20 राजनीतिक दल, इस तरह से हुआ भंडाफोड़; ऐसे होता था फर्जीवाड़ा

Thu, 07 Aug 2025 06:44 AM IST
रोहित मिश्र अशोक मिश्र, अमर उजाला, लखनऊ

सार

Donation on commission: इस खुलासे के बाद आयकर विभाग ने राजनीतिक दलों को चंदा देने के नाम पर आयकर रिटर्न में फर्जीवाड़ा करने वाले 59 लोगों को नोटिस जारी किया।
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राजनीतिक दलों काफर्जीवाड़ा। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आयकर रिटर्न जमा करने के दौरान टैक्स में छूट पाने के लिए फर्जीवाड़ा करने के मामले में 20 राजनीतिक दलों की संलिप्तता का खुलासा हुआ है। ये सभी पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दल हैं, जिनमें से तमाम एक कमरे के कार्यालय से संचालित होते हैं। टैक्स में छूट के लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट और अधिवक्ता इन दलों को दान (डोनेशन) देने का फर्जीवाड़ा करते हैं, जबकि इन दलों द्वारा दान की रकम का एक हिस्सा बतौर कमीशन लेकर वापस कर दिया जाता है।

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आयकर विभाग के अधिकारियों के मुताबिक बीती 14 जुलाई को देश भर में चार्टर्ड अकाउंटेंट, अधिवक्ताओं, बिचौलियों आदि के 150 से अधिक ठिकानों पर छापा मारकर इस फर्जीवाड़े के प्रमाण जुटाए गए थे। जांच में सामने आया कि वाराणसी में चार्टर्ड अकाउंटेंट दो सगे भाई इस तरह की धोखाधड़ी में संलिप्त हैं, जिसके बाद उनके ठिकानों को खंगालने पर फर्जी जानकारी देकर आयकर रिटर्न जमा करने के पुख्ता सुराग हाथ लगे थे। जांच में सामने आया कि कोरोना महामारी के बाद इस तरह के मामलों में अचानक बढ़ोतरी हुई है। खास बात यह है कि हाल ही में केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने जिन 119 पंजीकृत गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को उनकी निष्क्रियता की वजह से कारण बताओ नोटिस थमाया है, उनमें आयकर जांच के दायरे में आए ये 20 दल शामिल हैं।

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57 लोगों ने भरा संशोधित रिटर्न

इस खुलासे के बाद आयकर विभाग ने राजनीतिक दलों को चंदा देने के नाम पर आयकर रिटर्न में फर्जीवाड़ा करने वाले 59 लोगों को नोटिस जारी किया, जिसमें से 57 ने अपना संशोधित रिटर्न जमा कर दिया है। साथ ही, उन्होंने अपनी गलती को भी स्वीकार किया है। अब आयकर विभाग उन सरकारी कर्मचारियों पर शिकंजा कसने जा रहा है, जो अन्य नियमों के तहत फर्जी आंकड़ा देकर टैक्स की छूट ले रहे थे।

अधिकतर के कार्यालय दूसरे राज्यों में
आयकर विभाग ने इस फर्जीवाड़े का पता लगाने के लिए बिचौलियों के कंप्यूटर के आईपी एड्रेस का पता लगाया। जिसके बाद उनके ठिकानों पर छापा मारकर सुबूत जुटाए। जांच में समाने आया कि तमाम चार्टर्ड अकाउंटेंट पर्दे के पीछे से कुछ टैक्स प्रैक्टिशनर के जरिये यह काम कराते हैं। बीते सप्ताह लखनऊ और गोंडा में ऐसे दो टैक्स प्रैक्टिशनर के ठिकाने खंगाले जा चुके हैं।
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