विजन डॉक्युमेंट पर चर्चा को लेकर सपा ने भी अपनी रणनीति तैयार की है। सपा सदस्यों का कहना है कि वे सदन में मौजूद रहकर भाजपा के झूठे वादों की पोल खोलेंगे। सपा के विधायक आरके वर्मा ने कहा कि हम भाजपा का विजन डाक्युमेंट बहुत पहले देख चुके हैं। उन्होंने सवाल दागे कि क्या काला धन वापस आया। हर खाते में 15 लाख पहुंचे। दो करोड़ लोगों को रोजगार मिला। नोटबंदी के क्या फायदे हुए और किसानों की आय दोगुना करने के वादे का क्या हश्र हुआ। सपा के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि यह चर्चा अनावश्यक है। अपनी रणनीति हम बुधवार को 10 बजे बैठक करके तय करेंगे।
विधानसभा में मंगलवार को छह विधेयक पारित हो गए। इनमें उप्र. माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक 2025, उप्र. निरसन विधेयक 2025, उप्र. निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक 2025। इसके अलावा उप्र. निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025, उप्र. मोटर यान कराधान (संशोधन) विधेयक और उप्र. लोक अभिलेख विधेयक 2025 शामिल हैं।
बता दें कि माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक के तहत धारा 129 के तहत अर्थदंड के प्रकरणों में प्रथम एवं अधिकरण के समक्ष अपील किए जाने से पहले जमा की जाने वाली धनराशि की सीमा अर्थदंड का 25 प्रतिशत से घटाते हुए 10 प्रतिशत करने का प्रावधान किया गया है। साथ ही अन्य धाराओं में आरोपित अर्थदंड के तहत अपील करने के प्रावधान को भी शामिल किया है। इनपुट सेवा वितरक के रूप में पंजीकृत करदाताओं को सुविधा देते हुए आयातित माल पर दिए गए कर से बने इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के वितरण की सुविधा दी गई है।
वहीं उप्र निरसन विधेयक में रामपुर स्थित जौहर विश्वविद्यालय से संबंधित दो विधेयक समेत 35 विधेयकों को समाप्त कर दिया गया है। साथ ही 72 वर्ष पुराने विश्वविद्यालयों के पुराने कानून भी समाप्त कर दिए गए हैं। अयोध्या में नया निजी विश्वविद्यालय महर्षि महेश योगी रामायण विश्वविद्यालय से जुड़े उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक को मंजूरी दी गई है। इसी तरह गाजियाबाद के मोदीनगर स्थित डॉ. केएन मोदी विश्वविद्यालय से जुड़े उप्र निजी विश्वविद्यालय (द्वितीय संशोधन) को मंजूरी दी गई है।
वहीं उत्तर प्रदेश मोटर यान कराधान (संशोधन) विधेयक भी पारित हो गया। इसके तहत प्रदेश में सभी वाहनों पर एकमुश्त कर जमा करने की व्यवस्था लागू होगी। इससे वाहन मालिकों को बार- बार कर जमा नहीं करना पड़ेगा। परिवहन विभाग को कर जमा करने के लिए वाहनों की जांच नहीं करनी होगी। बता दें कि उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1997 की धारा 4 में गैर-परिवहन एवं परिवहन दोनों प्रकार के वाहनों पर कर वसूला जाता है। इसमें एकमुश्त के साथ ही मासिक, त्रैमासिक और वार्षिक कर लगाने की व्यवस्था है।