इस तरह होगा गृहकर का निर्धारण
मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि जो इलाके सीमा विस्तार के बद नगर निगम में आए हैं, यदि वहां के लोगों ने अपने मकान दुकान का गृहकर निर्धारण नहीं कराया है तो करा लें। इनसे साल 2020 से गृहकर लिया जाएगा।
यह निर्धारण वर्ष सीमा विस्तार वाले इलाकों के लोगों के लिए तय किया गया है, जिनके मकान सीमा विस्तार के पहले से ही बने हैं। जिनके मकान बाद में बने हैं उनका गृहकर निर्धारण तबसे होगा जब बिजली कनेक्शन लिया होगा। इसी तरह जो इलाके पहले से नगर निगम की सौमा में हैं, वहां पर भी जबसे बिजली कनेक्शन या रजिस्ट्री होगी तबसे गृहकर लिया जाएगा।
दो लाख लोग उठा सकते हैं फायदा
गृहकर कार्य से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि छह साल पहले हुए सामा विस्तार के बाद शहर में अभी करीब दो लाख मकान-दुकान ऐसे हैं, जिनका गृहकर निर्धारण नहीं हुआ है। अभी 7.68 लाख भवनस्वामी गृहकर दे रहे हैं। इनमें करीब एक लाख व्यावसायिक और पांच हजार सरकारी भवन हैं।
ओटीएस के बाद यह लाभ नहीं मिलेगा
नगर निगम के मुख्य कर निर्धारण अधिकारी अशोक सिंह ने बताया कि 6 ओटीएस में उन भवनस्वामियों को भी फायदा मिलेगा जिनके मकान का गृहकर निर्धारण नहीं हुआ है। यदि वे ऐसा कराएंगे तो उन्हें भी योजना में शामिल किया जाएगा। ओटीएस के बाद यह लाभ नहीं मिलेगा।