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UP: डिजिटल गवर्नेंस में प्रदेश का दबदबा...कामकाज हुआ आसान; जानें क्या कहती 'नेस्डा-2025' की रिपोर्ट

Thu, 01 Jan 2026 09:21 AM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

डिजिटल गवर्नेंस में उत्तर प्रदेश ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। नेस्डा 2025 रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 929 डिजिटल सेवाएं उपलब्ध हैं और सभी अनिवार्य सेवाएं लागू हो चुकी हैं। एकीकृत पोर्टल और ऑनलाइन शिकायत प्रणाली से शासन अधिक पारदर्शी और नागरिकों के लिए सरल हुआ है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ। - फोटो : cm yogi x handle
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विस्तार
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डिजिटल गवर्नेंस (तकनीक के सहारे कामकाज को बेहतर करना) को प्रभावी बनाने में यूपी ने लंबी छलांग लगाई है। प्रदेश ने कर दिखाया है कि बड़े और जटिल प्रशासनिक ढांचे के बावजूद तकनीक के माध्यम से शासन को कैसे सरल, पारदर्शी और नागरिक केंद्रित बनाया जा सकता है। 

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ये तथ्य राष्ट्रीय ई गवर्नेंस सेवा वितरण मूल्यांकन (एनईएसडीए) की 2025 रिपोर्ट से सामने आए हैं। इसमें यूपी को डिजिटल गवर्नेंस में मजबूत और निर्णायक भूमिका वाला प्रदेश बताया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार पूरे देश में 23934 ई सेवाएं उपलब्ध हैं। इनमें यूपी की हिस्सेदारी 929 ई सेवाओं की है। खास बात यह है कि उत्तर प्रदेश ने 59 अनिवार्य ई सेवाओं में से सभी को शत प्रतिशत लागू कर दिया है। बिजली, पानी, शिक्षा जैसी अनिवार्य सेवाओं के मामले में प्रदेश ने पूर्णता हासिल कर ली है। 
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स्थानीय शासन और उपयोगिता सेवाओं के क्षेत्र में देश भर में 8463 ई सेवाएं उपलब्ध हैं। उत्तर प्रदेश ने इस क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति की है। इनमें जाति, आय और निवास प्रमाणपत्र, जन्म-मृत्यु पंजीकरण, पेंशन व छात्रवृत्ति जैसी सेवाएं मुख्य हैं। ये सुविधाएं लोगों को मात्र कुछ क्लिक में ही उपलब्ध हैं। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिला है।

एकीकृत सेवा ने बनाया सकारात्मक माहौल

एकीकृत सेवा वितरण पोर्टल के मामले में भी प्रदेश की स्थिति मजबूत हुई है। नेस्डा रिपोर्ट के अनुसार यूपी में करीब 88 प्रतिशत ई सेवाएं एकीकृत पोर्टल से लोगों को मिल रही हैं। निवेश मित्र और ई डिस्ट्रिक्ट जैसे प्लेटफार्मों पर 822 से अधिक सेवाएं नागरिकों और निवेशकों को एक ही जगह पर उपलब्ध हैं। इसका सकारात्मक प्रभाव ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और जन सुविधा दोनों पर पड़ा है।

डिजिटली सेवा ही नहीं, सुनवाई भी कर रही सरकार

पिछले एक वर्ष के आंकड़े देखें तो प्रदेश में ई सेवाओं की संख्या लगातार बढ़ी है। नवंबर 2024 में करीब 800 ई सेवाएं उपलब्ध थीं जो नवंबर 2025 तक बढ़कर 929 हो गईं हैं। शिकायत निवारण प्रणाली में भी प्रदेश की स्थिति मजबूत हुई है। नेस्डा के अनुसार सार्वजनिक शिकायत से जुड़ी सेवाओं में देश के 33 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश पूर्णता हासिल कर चुके हैं। इनमें यूपी का नाम प्रमुखता से शामिल है। इससे यह स्पष्ट है कि सरकार न सिर्फ सेवा दे रही है बल्कि नागरिकों की आवाज को भी डिजिटल माध्यम से सुन रही है।

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