ओमप्रकाश राजभर ने अमर उजाला को बताया कि उन्होंने प्रमुख सचिव और निदेशक के खिलाफ सीएम को पत्र भेजा है। उच्चस्तर पर भी जो तय होता है, उसे विभाग में लागू नहीं किया जा रहा है। ग्रामीण इलाकों में फीकल स्लज ट्रीटमेंट (मल का निस्तारण) परियोजना के काम में काफी लापरवाही बरती जा रही है। एक तरफ पहले चरण के डिजिटल लाइब्रेरी का काम पूरा होने की रिपोर्ट ऊपर भेजी गई है, दूसरी तरफ इसी मामले में 16 डीपीआरओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा गया है। गलत रिपोर्ट दी जा रही हैं। योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए आई राशि को भी अधिकारी मिलकर खा गए।
ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि चुनाव सिर पर है और पहले चरण की डिजिटल लाइब्रेरी का काम भी पूरा नहीं हुआ है। काम जल्द पूरा करने के लिए उन्होंने जरूर कहा। किसी खास एजेंसी के चयन के लिए कभी कोई निर्देश नहीं दिया। पूरी स्थिति से अवगत कराते हुए सीएम को पत्र लिखा है। मौखिक रूप से प्रमुख सचिव और निदेशक को हटाने के लिए भी कहा है। इस बारे में प्रमुख सचिव अनिल कुमार का पक्ष लेने के लिए उनसे संपर्क किया गया, पर उन्होंने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया।