डाॅ. विश्वजीत के मुताबिक, प्रशांत ने आंख की जिस बीमारी को दिखाकर दिव्यांग प्रमाणपत्र बनवाया, वैसी बीमारी 50 की उम्र से पहले नहीं होती। इस मामले में मुख्यमंत्री कार्यालय से भी शिकायत की गई। मामले में डीजी हेल्थ को साल 2024 में पत्र भी लिखा गया लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि प्रशांत के खिलाफ की गई पहली शिकायत गलत पाई गई थी।