एक्सप्रेसवे कॉरिडोर से तीन घंटे से छह घंटे तक समय की बचत होगी। इसका सीधा असर प्रदेश के कृषि और खाद्य प्रसंस्करण कारोबार पर भी पड़ेगा। पश्चिमी यूपी के डेयरी उत्पाद, आलू, सब्जियां और फल कम समय में लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी और दूसरे बड़े बाजारों तक पहुंचाए जा सकेंगे। इसी तरह पूर्वांचल और बुंदेलखंड के कृषि उत्पादों को पश्चिमी यूपी के बड़े बाजारों और दिल्ली-एनसीआर तक पहुंचाने का रास्ता सुगम होगा। समय कम लगने से दूध और अन्य जल्दी खराब होने वाले उत्पादों की सप्लाई चेन को मजबूती मिलेगी। खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों, कोल्ड स्टोरेज, वेयरहाउस और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी नए अवसर पैदा होंगे। औद्योगिक इकाइयों को कच्चा माल और तैयार उत्पाद पहुंचाने में भी सहूलियत होगी।