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यूपी : गांव में बढ़ी कांट्रैक्ट ट्रेसिंग तो कम होने लगे मरीज, 20 हजार से नीचे गया ग्राफ

Wed, 12 May 2021 09:09 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

प्रदेश में माह भर बाद संक्रमित मरीजों का ग्राफ 20,000 से नीचे पहुंचा है। बुधवार को कुल 18125 मरीज मिले हैं। प्रदेश में लिए गए सैंपल की अपेक्षा संक्रमण की दर 7.36 फ़ीसदी है।
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कोरोना वायरस: जांच कराते लोग - फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश में माह भर बाद संक्रमित मरीजों का ग्राफ 20,000 से नीचे पहुंचा है। बुधवार को कुल 18125 मरीज मिले हैं। प्रदेश में लिए गए सैंपल की अपेक्षा संक्रमण की दर 7.36 फ़ीसदी है। इससे पहले 12मार्च को यह दर 7.07 फ़ीसदी थी। संक्रमण की दर में गिरावट की मूल वजह शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग का बढ़ाया जाना बताया जा रहा है। 

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कोरोना महामारी के खिलाफ चल रही  लड़ाई में ट्रेस, टेस्ट और ट्रीट की नीति का सख्ती से पालन किया गया। 15 अप्रैल के बाद शहर के साथ ही ग्रामीण इलाके पर भी फोकस किया गया। इसके लिए सभी मेडिकल कॉलेजों में जांच की क्षमता दोगुनी की गई। गांव में लक्षण वाले मरीजों की जांच कराने के साथ ही उनके संपर्क में आने वालों की भी जांच कराई गई। घर घर चले जा चली आन का असर है कि संक्रमण की दर में लगातार गिरावट हो रही है।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज की व्यवस्था कराने का भी फायदा मिला है।मरीज की रिपोर्ट पॉजिटिव आते ही उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। इससे संक्रमण की चेन टूटी।  24 घंटों में प्रदेश में 18,125 नए कोविड केस की पुष्टि हुई है, जबकि इसी अवधि में 26,712 लोग स्वस्थ होकर डिस्चार्ज हुए हैं। प्रदेश में 2,06,615 एक्टिव केस हैं, जो प्रदेश में संक्रमण के पीक 3.10 लाख से लगभग 1 लाख 04हजार कम हैं। 
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जैसे-जैसे बढ़ा, उसी गति से गिर रहा ग्राफ
प्रदेश में संक्रमित मरीजों की स्थिति देखी जाए तो जितनी गति से मरीजों के ग्राफ में बढ़ोतरी हुई थी। करीब-करीब उसी गति से गिरावट भी हो रही है। 1 अप्रैल को 2600 मरीज मिले थे और इस दिन संक्रमण की दर 2.09 प्रतिशत थी। इसके बाद हर दिन बढ़ोतरी शुरु हुई और 12 अप्रैल को 13885 नए मरीज मिले। इस दिन सैंपल की अपेक्षा संक्रमण की दर 7.07 फ़ीसदी थी। अगले दिन 18021 मरीज मिले और संक्रमण की दर 8.23 फीसदी रही।

14 अप्रैल को मरीजों की संख्या 20510 हो गई और संक्रमण की दर 9.76 फ़ीसदी रही। इसके बाद मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती रही। हालत यह रहा कि 24 अप्रैल को कुल मरीज 38055 मिले और संक्रमण की दर 16.81फ़ीसदी रही। 25 अप्रैल को कुल 35614 मरीज मिले और संक्रमण की दर 15.51 फ़ीसदी रही। 26 अप्रैल को मरीजों की संख्या 33574 रही और संक्रमण की दर 18.01 फ़ीसदी रहा। इसके बाद मरीजों की संख्या और संक्रमण की दर में लगातार गिरावट हुई।

एक मई को कुल 30317 मरीज मिले और संक्रमण की दर 11.38 फ़ीसदी रही। 5 मई को मामूली बढ़त के साथ कुल मरीजों की संख्या एक 31165 हो गई और संक्रमण की दर 13.43 फ़ीसदी रही, लेकिन अगले दिन से फिर गिरावट होने लगी। 12 मई को मरीजों की संख्या 18125 है और संक्रमण की दर 7.36 फीसदी है। 

लगातार बढ़ा जांच का दायरा
जांच के मामले में देश में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है। जांच को लेकर लगातार सक्रियता दिखाई गई। अब तक 04 करोड़ 51 लाख टेस्ट किए गए हैं। इनमें एक लाख आरटीपीसीआर टेस्ट सहित  02लाख 45 हजार टेस्ट विगत 24 घं टे में किए गए हैं। प्रयोगशालाओं की टेस्टिंग क्षमता लगातार बढ़ाई जा रही है। प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में जांच की क्षमता 1:30 से दोगुनी की जा चुकी है। अब जिला अस्पतालों में भी जांच का दायरा बढ़ाया जा रहा है। 

होम आइसोलेशन वालों की बढ़ी रिकवरी
सरकार की ओर से एक तरफ अस्पतालों में ऑक्सीजन से लेकर अन्य व्यवस्थाएं दुरुस्त की गई तो दूसरी तरफ होम आइसोलेशन में रहने वाले मरीजों के लिए भी दवा और सलाह की व्यवस्था की गई। इसकी वजह से ठीक होने वालों की दर में तेजी से बढ़ोतरी हुई । वर्तमान में 1,52,725 लोग होम आइसोलेशन में उपचाराधीन हैं। इलाज की व्यवस्था मुकम्मल किए जाने से एक्टिव केस में लगातार गिरावट हुई है।

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