फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: कानपुर से पैदल पहुंची दिव्यांग खुशी से मुख्यमंत्री ने की मुलाकात... उसके बनाए चित्रों को देख हुए भावुक

Thu, 27 Nov 2025 09:57 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुशी और उसके परिवार से मुलाकात की और उसे मदद का आश्वासन दिया। वो अपने साथ पीएम मोदी का चित्र भी लेकर आई थी। योगी ने उसे पास बुलाकर उसके बनाए सभी चित्रों को ध्यान से देखा।
विज्ञापन
खुशी से मुलाकात करते सीएम योगी। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गरीबी व खामोशी से जूझ रही कानपुर की 20 वर्षीय खुशी गुप्ता के जीवन में बुधवार को नया सवेरा आया। अपने हाथों से बनाए चित्रों के माध्यम से सीएम योगी आदित्यनाथ तक अपना दर्द पहुंचाने की उसकी कोशिश रंग लाई।

विज्ञापन


खुद मुख्यमंत्री ने पहल करते हुए खुशी और उसके परिवार को अपने सरकारी आवास पर बुलाया, जहां न केवल उसके भविष्य को संवारने का वचन दिया गया, बल्कि परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने के लिए आवास और शिक्षा की जिम्मेदारी भी उठाई। बुधवार को कानपुर के ग्वालटोली अहरानी निवासी खुशी अपने पिता कल्लू गुप्ता, माता गीता गुप्ता और भाई जगत गुप्ता के साथ मुख्यमंत्री आवास आई थी। आर्थिक दिक्कतों से जूझ रहे इस परिवार से योगी ने स्नेहपूर्वक बात की।

ये भी पढ़ें - 'जोर का धमाका... लगा किसी ने ट्रेन उड़ा दी'; पुल से नीचे गिरा डंपर; बाराबंकी घटना की कहानी
विज्ञापन


ये भी पढ़ें -  मतदाता पूछ रहे 2003 की सूची में कैसे देखें अपना नाम... हर रोज आ रहीं 200 कॉल, ये है जवाब


खुशी के पिता पहले संविदा पर गार्ड की नौकरी करते थे, जो अब छूट चुकी है। मां गीता गुप्ता घरों में काम करके परिवार का खर्च चलाती हैं। खुशी अपने साथ पीएम मोदी का चित्र भी लेकर आई थी। योगी ने उसे पास बुलाकर उसके बनाए सभी चित्रों को ध्यान से देखा। मुलाकात के बाद परिजनों ने कहा कि यह अनुभव शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन


बिना बताए घर से निकली
खुशी की कहानी दृढ़ संकल्प की है। 22 नवंबर को वह बिना बताए अपने घर से अकेली निकल पड़ी थी। उसका एकमात्र उद्देश्य मुख्यमंत्री को अपने हाथ से बनाया चित्र देना था। राजधानी पहुंचने के बाद वह रास्ता भटक गई और लोकभवन के बाहर बैठकर रोने लगी। हजरतगंज पुलिस ने उसे संभाला और उसके परिवार को सूचना दी। खुशी पढ़ी-लिखी नहीं है, लेकिन अपने पिता का नाम और मुख्यमंत्री का नाम लिखना जानती थी।

सीएम ने खुद बुलाया खुशी के बारे में पता चलने पर योगी ने तुरंत उसके परिवार को अपने आवास पर बुलाया। सीएम ने उसके लिए कानपुर स्थित मूकबधिर कॉलेज में शिक्षा की व्यवस्था कराने का आश्वासन दिया। पढ़ाई और स्किल डेवलपमेंट के लिए मोबाइल और टैबलेट भी दिया। सरकार उसके कान के इलाज की भी व्यवस्था कर रही है। परिवार को आवास भी दिया जाएगा।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें