संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल की उम्मीद
भाजपा ने लंबे समय के बाद उत्तर प्रदेश में किसी नेता को पूर्णकालिक प्रभारी की जिम्मेदारी दी है। तावड़े हाल में उत्तर प्रदेश भाजपा संगठन के चुनाव में भी सक्रिय रहे हैं और प्रदेश की राजनीति को करीब से देखते रहे हैं। उन्हें भाजपा के संगठनात्मक कामकाज की अच्छी जानकारी रखने वाला नेता माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि उन्होंने संगठन की चुनाव प्रक्रिया के दौरान राज्य की ठीक-ठाक जानकारी हासिल कर ली।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, तावड़े का किसी बड़े विवाद से नाता नहीं रहा है। चुनावी साल को देखते हुए भाजपा ने नए चेहरे के बजाय संगठन और प्रदेश की राजनीति से परिचित नेता को जिम्मेदारी देने को तरजीह दी है। तावड़े के संगठन से जुड़े अनुभव को देखते हुए पार्टी को उनसे बेहतर समन्वय की उम्मीद है।
लंबे समय बाद पूर्णकालिक प्रभारी बनाए जाने को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार और संगठन के बीच तावड़े के रिश्ते बेहतर हैं। ऐसे में उनकी नियुक्ति से संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलने और चुनावी तैयारियों को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
2022 में बिहार के प्रभारी बने थे
संगठन के स्तर पर भी तावड़े की भूमिका लगातार बढ़ती गई। उन्हें BJP की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जिम्मेदारी मिली और बिहार तथा हरियाणा समेत कई राज्यों का प्रभारी बनाया गया। वर्ष 2022 में उन्हें बिहार का प्रभारी नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल में BJP ने बिहार में विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान संगठनात्मक स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश की। इस वर्ष केरल चुनाव में भी तावड़े को पार्टी का प्रभारी बनाया गया। उनके कार्यकाल में BJP ने केरल विधानसभा में अपना खाता खोला, जिसे पार्टी के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि माना गया।
नितिन नवीन की नई टीम में कई बड़े बदलाव
नितिन नवीन की नई टीम में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। अमित मालवीय को IT सेल प्रमुख की जिम्मेदारी से हटाकर दीपक म्हास्के को IT और सोशल मीडिया विंग की कमान दी गई है। तेजस्वी सूर्या की जगह हेमांग जोशी को भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महासचिव बनाकर संगठन में अहम भूमिका दी गई है। त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब की भी राष्ट्रीय संगठनात्मक ढांचे में वापसी हुई है।