माध्यमिक स्कूलों में भी अनिवार्य हुई टीईटी परीक्षा।
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प्रदेश में अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों (अल्पसंख्यक संस्थानों को छोड़कर) के संबद्ध प्राइमरी प्रभाग में 897 सहायक अध्यापकों की सीधी भर्ती का रास्ता साफ हो गया है। सहायक अध्यापकों के पदों पर भर्ती के लिए अब बीटीसी, डीएलएड के साथ ही अध्यापक अर्हता परीक्षा (टीईटी) पास करना अनिवार्य कर दिया गया है। नई शैक्षिक अर्हता का गजट जारी कर दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने इसे शिक्षा सेवा चयन आयोग को भी भेज दिया है।
एडेड माध्यमिक स्कूलों में बालक संवर्ग में सहायक अध्यापकों के 473 व बालिका संवर्ग में 424 पद खाली हैं। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को कुल 897 पदों पर भर्ती का अधियाचन भेजा था। सहायक अध्यापकों के पदों पर भर्ती के लिए अर्हता में किए गए बदलाव के लिए शासन की ओर से इंटरमीडिएट शिक्षा अधिनियम-1921 के अधीन परिषद के विनियम में अर्हता में संशोधन का सरकारी गजट जारी कर दिया गया है।
अभी तक सहायक अध्यापक के पदों पर भर्ती के लिए स्नातक के साथ सीटी, बीटीसी, एएसटीसी या समकक्ष अर्हता थी। लेकिन बीटीसी प्रशिक्षित उपलब्ध न होने पर बीएड अर्हताधारी भी नियुक्त किए जा सकते थे। अब शैक्षिक अर्हता के नए नियम के तहत बीटीसी, डीएलएड के साथ ही टीईटी होना भी अनिवार्य कर दिया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल ने इस संबंध में आयोग को इसकी सूचना देते हुए अधियाचन के विज्ञापन व चयन की आगे की कार्यवाही पूरी करने को कहा है। अब उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग 897 पदों पर भर्ती के लिए जल्द विज्ञापन जारी करेगा।