उप्र माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित होने वाले विद्यालयों का नया सत्र अब सीबीएसई की तर्ज पर अप्रैल से शुरू होगा।
राजकीय शिक्षकों को एश्योर्ड कॅरिअर प्रमोशन (एसीपी) का लाभ मिलेगा। स्कूलों के खुलने का समय सुबह 9.50 की जगह 8.50 किया जाएगा।
ये अहम घोषणाएं माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली ने मंगलवार को उप्र राजकीय शिक्षक संघ के 63वें प्रांतीय सम्मेलन में कीं।
एसीपी से प्रदेश के 10 हजार से अधिक शिक्षकों को लाभ होगा। उन्होंने कहा, किसी भी हाल में परीक्षा में नकल बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने एक माह के अंदर ही 10 हजार शिक्षकों को प्रशिक्षण दिलाने की बात कही।
सुरक्षा के लिहाज से उठाया कदम
इससे पहले मुख्य अतिथि मंत्री महबूब अली ने राजकीय इंटर कॉलेज में प्रांतीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।
उन्होंने कहा कि आने वाले सत्र से माध्यमिक शिक्षा परिषद से संचालित सभी विद्यालयों में सीबीएसई की तरह ही अप्रैल से कक्षाएं शुरू होंगी।
इससे सत्र नियमित रहेगा और शिक्षा प्रणाली में सुधार आएगा। वर्तमान में परिषद के विद्यालयों में कक्षाएं सुबह 9.50 से शाम 3.50 बजे तक लगती हैं।
कक्षाएं देर से समाप्त होने पर सबसे अधिक समस्या दूर-दराज की छात्राओं को होती है।
खासतौर से ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी सुरक्षा के लिहाज से। मंत्री ने कहा, अब कक्षाएं सुबह 8.50 बजे शुरू होकर दोपहर 2.50 बजे खत्म होंगी।
सभी विद्यालयों में दो पाली की व्यवस्था नहीं की जाएगी। जहां जरूरत है केवल वहीं दो पालियों में पढ़ाई होगी।
शिक्षकों को दिखाया आईना
शिक्षकों को तोहफा देने के साथ ही मंत्री ने उन्हें वर्तमान शिक्षा व्यवस्था का आईना भी दिखाया।
उन्होंने सभी शिक्षकों व प्रधानाचार्यों से पूछा, पिछले पांच साल में प्रदेश भर के राजकीय कॉलेजों से कितने बच्चे आईआईटी में चयनित हुए।
कितने बच्चे प्रशासनिक परीक्षाओं में सफल हुए। उनकी इस बात पर सभी लोग चुप रहे। मंत्री ने कहा कि वह शिक्षकों की सभी उचित मांगों को पूरा करेंगे लेकिन शिक्षा की गुणवत्ता में गिरावट बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वह जानते हैं कि मेरिट कैसे तैयार होती है। उन्होंने परीक्षा में नकल रोकने के लिए सख्त कदम उठाने व शिक्षकों से व्यवस्था में सुधार को कहा।