फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: शिक्षक संगठन शर्मा गुट को बड़ा झटका, संगठन को बाय-बाय बोल भाजपा में शामिल हो सकते हैं ध्रुव त्रिपाठी

Sat, 21 Feb 2026 08:13 PM IST
रोहित मिश्र अजीत बिसारिया, अमर उजाला ब्यूरो लखनऊ

सार

Dhruv Tripathi will join BJP: राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने इस बार गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक सीट पर भी अपने चुनाव चिह्न पर प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है। 
विज्ञापन
ध्रुव त्रिपाठी थाम सकते हैं भाजपा का हाथ। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) के शिक्षक एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी भाजपा का दामन थाम सकते हैं। वे गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विधान परिषद सदस्य हैं। पिछली बार भाजपा ने उनके खिलाफ अपना कोई आधिकारिक प्रत्याशी नहीं उतारा था, लेकिन इस बार इसकी उम्मीद कम है। इसलिए सूत्रों का कहना है कि ध्रुव त्रिपाठी जल्द ही शर्मा गुट से अलग होकर भाजपा में शामिल हो सकते हैं।

विज्ञापन


उत्तर प्रदेश विधान परिषद के खंड स्नातक की पांच सीटों लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ व इलाहाबाद-झांसी और खंड शिक्षक की छह सीटों लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद व गोरखपुर-फैजाबाद से चुने गए सभी एमएलसी का कार्यकाल 6 दिसंबर को पूरा हो रहा है। इन सीटों के लिए अंतिम मतदाता सूची भी जारी हो चुकी है। इसके लिए साथ भाजपा और सपा समेत सभी प्रमुख दलों ने इन चुनावों के लिए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। माना जा रहा है कि ये चुनाव इस साल अक्तूबर-नवंबर में होंगे।

वर्ष 2020 में गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में शर्मा गुट के प्रत्याशी ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने जीत की हैट्रिक लगाई थी। दूसरे स्थान पर वित्त विहीन शिक्षक महासंघ के अधिकृत व उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा संघ ठकुराई गुट के समर्थित प्रत्याशी अजय सिंह रहे थे। दोनों के बीच प्रथम वरीयता के मतों में 854 का अंतर था। जबकि, ध्रुव कुमार त्रिपाठी को प्रथम व द्वितीय वरीयता के 11154 और उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी अजय सिंह को 9219 मत मिले थे।
विज्ञापन


राजनीतिक सूत्रों के मुताबिक, भाजपा ने इस बार गोरखपुर-फैजाबाद खंड स्नातक सीट पर भी अपने चुनाव चिह्न पर प्रत्याशी उतारने का फैसला किया है। पिछली बार इस सीट पर जीत-हार का अंतर कोई बड़ा नहीं था, इसलिए यहां से चुनाव लड़ने के इच्छुक सभी नेताओं के लिए फूंक-फूंककर कदम उठाने जैसी स्थिति है। यही वजह है कि एमएलसी ध्रुव कुमार त्रिपाठी भी किसी कमजोर रणनीति के फेर में नहीं फंसना चाहते हैं। भाजपा अगर चुनाव लड़ाने के लिए पाटी में शामिल होने की अनिवार्य शर्त लगाती है तो वे इसके लिए पूरी तरह से तैयार बताए जा रहे हैं। इस बारे में जब ध्रुव त्रिपाठी से अमर उजाला संवाददाता ने बात की तो उन्होंने भाजपा में शामिल होने की संभावना से इन्कार नहीं किया।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें