प्रदेश के नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी दूर होगी। शासन ने नगरीय सीमा में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों के शिक्षकों को यहां पर तैनात/समायोजित करने के निर्देश दिए हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के उप सचिव आनंद कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि विभिन्न जिलों में ग्रामीण विद्यालय शहरों की सीमा विस्तार के बाद नगर क्षेत्र में आ गए हैं। यहां के शिक्षकों से विकल्प लेकर उन्हें नगरीय सीमा में शामिल कर लिया जाए।
विस्तारित नगर सीमा के विद्यालयों के शिक्षकों से इस प्रतिबंध के साथ विकल्प लिया जाए कि नगर क्षेत्र में उनके समायोजन के फलस्वरूप उनकी वरिष्ठता संबंधित नगरीय संवर्ग के शिक्षकों में सबसे नीचे होगी। उप सचिव ने बेसिक शिक्षा निदेशक को इसके अनुरूप आगे की कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
नगर संवर्ग में शामिल हुए थे 1812 विद्यालयप्रदेश के 46 जिलों में नगरीय सीमा का विस्तार होने से ग्रामीण संवर्ग के 1812 परिषदीय विद्यालयों को नगरीय सीमा में शामिल किया गया है। इनमें कार्यरत शिक्षकों और शिक्षामित्रों के समायोजन की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। शासन ने इसके निर्देश जारी कर दिए है। यह वे विद्यालय हैं जो पहले ग्रामीण क्षेत्र में थे लेकिन शहरी सीमा के विस्तार के कारण अब नगर क्षेत्र का हिस्सा बन चुके हैं।
सुधरेगा शिक्षक-छात्र अनुपात
इन 1812 विद्यालयों में वर्तमान में 692 प्रधानाध्यापक, 5324 सहायक अध्यापक, 1893 शिक्षामित्र, 568 अनुदेशक कार्यरत हैं। इनमें से कई स्कूलों में वर्षों से नई नियुक्तियां नहीं हुईं। कई शिक्षक सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इससे छात्र-शिक्षक अनुपात बिगड़ गया है। जैसे वाराणसी में नगरीय सीमा में शामिल 73 विद्यालयों में 119 शिक्षक कार्यरत हैं जबकि नगरीय क्षेत्र में 99 विद्यालयों में कुल 216 शिक्षकों की जरूरत है। इसी तरह गोरखपुर में 33 विद्यालयों में तैनाती हो सकेगी।