एशिया कप के लिए भारतीय टीम से जड़ने वाले मेरठ मावरिक्स के कप्तान रिंकू सिंह ने लीग में अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से गेंदबाजों में खौफ पैदा कर दिया था, लेकिन फाइनल में उनके न खेलने से काशी रुद्रास ने राहत सांस ली होगी। अपने स्टार खिलाड़ी के हटने के बावजूद मेरठ की टीम कागज में बेहद मजबूत दिख रही है। बल्लेबाजी में जहां स्वास्तिक चिकारा (12 मैच में 33.64 की औसत से 370 रन) और रितुराज शर्मा (12 मैच में 35.40 की औसत से 354 रन) ने प्रभावित किया है, जबकि कप्तान माधव कौशिक (12 मैच में 35 की औसत से 280 रन) भी गेंदबाजों के लिए परेशानी का सबब बन सकते हैं। गेंदबाजी में टीम के पास पेसर कार्तिक त्यागी (10 मैच मेें 16.82 की औसत से 17 विकेट) और विजय कुमार (12 मैच में 21.94 की औसत से 16 विकेट) लेगी जीशान अंसारी (12 मैच में 23.33 की औसत से 15 विकेट) जैसे खिलाड़ी है, जो मुकाबले का रुख अपनी टीम की ओर मोड़ने का मद्दा रखते हैं।
ये बोले दोनों टीमों के कप्तान
टीम ने लीग चरण के मुकाबले में अच्छा खेल दिखाया है। हमारे ऊपर फाइनल का कोई दबाव नहीं हैं। हम जीत का लक्ष्य लेकर मुकाबले में उतरेंगे। टीम के सभी खिलाड़ी पूरी तरह फिट हैं और फाइनल मुकाबले के लिए पूरी तरह तैयार भी।- करन शर्मा (कप्तान, काशी रुद्रास)
फाइनल में रिंकू सिंह की कमी नहीं खलेगी। टीम ने उनके बिना दूसरे क्वालीफायर में लखनऊ फॉल्कंस के खिलाफ जीत दर्ज की। टीम के सभी खिलाड़ियों के हौसले फाइनल के लिए बुलंद है और टीम खिताब पर कब्जा बरकरार रखने उतरेगी।- माधव कौशिक (कप्तान, मेरठ मावरिक्स)