प्रदेश सरकार ने सोमवार को विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए 24,496.98 करोड़ का अनुपूरक बजट प्रस्तुत किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट पेश किया। अनुपूरक बजट में औद्योगिक विकास की रफ्तार बनाए रखने, बिजली की चुनौतियों को पूरा करने और स्वास्थ्य के लिए करीब 13000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है जो कुल अनुपूरक बजट का आधे से भी ज्यादा है।
वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025–26 के लिए प्रदेश का मूल बजट 808,736.06 करोड़ का था, जबकि प्रस्तुत अनुपूरक बजट मूल बजट के अनुपात में 3.03 प्रतिशत है। अनुपूरक बजट को मिलाकर वित्तीय वर्ष 2025-26 का कुल बजट अब 833,233.04 करोड़ का हो गया है। उन्होंने कहा कि यह बजट विकासात्मक प्राथमिकताओं को और अधिक सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।
एसजीपीजीआई लखनऊ को दिये 120 करोड़
योगी सरकार ने अनुपूरक बजट में प्रदेश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों को वेतन अनुदान, गैर-वेतन अनुदान, व्यावसायिक एवं विशेष सेवाओं तथा विभिन्न मदों के लिए अतिरिक्त धनराशि दी गई है। सीतापुर स्थित नेहरू इंस्टिट्यूट ऑफ ऑप्थल्मोलॉजी एंड रिसर्च को वेतन अनुदान के लिए 1.74 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट दिया है। वहीं कैंसर संस्थान लखनऊ को विभिन्न मदों के लिए 10 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट दिया है। लखनऊ के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों पर भी सरकार का विशेष फोकस रहा है।
योगी सरकार ने सरकार ने गंभीर और दीर्घकालिक रोगों के उपचार पर भी ध्यान दिया है। हीमोफीलिया रोग की निःशुल्क चिकित्सा सुविधा के तहत औषधि और रसायनों की खरीद के लिए 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की गई है, जिससे हजारों मरीजों को राहत मिलने की उम्मीद है।
प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेजों को भी बड़ी धनराशि आवंटित की गई है। राजकीय मेडिकल कॉलेज, आजमगढ़ को व्यावसायिक एवं विशेष सेवाओं के लिए 50 लाख रुपये, बांदा मेडिकल कॉलेज को 2.18 करोड़ रुपये, सैफई (इटावा) स्थित रूरल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज को गैर-वेतन अनुदान के लिए 73.09 लाख रुपये दिए गए हैं।