उत्तर प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा और पर्यटकों को बेहतर सुविधा देने के लिए सरकार ने नई रणनीति अपनाई है। इसके तहत राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों, एक्सप्रेसवे और पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले रास्तों पर ढाबा, मोटल, फूड प्लाजा, एसी शौचालय व कॉम्प्लेक्स जैसी सुविधाओं के विकास के लिए 30 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जाएगी। इससे न सिर्फ पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
योजना के तहत निजी जमीन, मैरिज लॉन, पेट्रोल-डीजल पंप परिसर या अन्य उपयोगी परिसरों में ढाबा और अन्य सुविधाएं स्थापित करने पर सरकार अनुदान देगी। इन सुविधाओं के निर्माण के लिए जमीन खरीदने पर रजिस्ट्री शुल्क और स्टांप ड्यूटी में पूरी छूट दी जाएगी। निर्माण लागत (पूंजीगत व्यय) पर भी 30 फीसदी तक की सब्सिडी दी जाएगी।
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वर्तमान में सड़क किनारे चल रहे होटलों व ढाबों के लिए भी सरकार ने कई प्रोत्साहन की घोषणा की है। इनमें रेस्टोरेंट को पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग न्यूनतम 3 से 5 शौचालय, दिव्यांगजनों के लिए एक शौचालय, बच्चों के लिए खेल उपकरण, आरओ सिस्टम, मॉड्यूलर किचन और फ्रीजर जैसी सुविधा पर सब्सिडी दी जाएगी।
इसके अतिरिक्त, पर्यटन विभाग साइनेज, ग्लो साइन बोर्ड और वेबसाइट से इन ढाबों और सुविधाओं का प्रचार-प्रसार भी करेगा। योजना का लाभ लेने के लिए इच्छुक निवेशक, उद्यमी और ढाबा संचालक 25 मई तक पर्यटन विभाग के ऑनलाइन पोर्टल
https://up-tourismportal.in पर पंजीकरण करा सकते हैं।