लखनऊ के पारा क्षेत्र में गाजीपुर थाने में तैनात उपनिरीक्षक अजय ठाकुर का शव उनकी कार में संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। कार से शराब की बोतलें भी बरामद हुई हैं। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर फॉरेंसिक जांच शुरू की है। मौत के कारणों की सभी पहलुओं से जांच जारी है।
गाजीपुर थाने की सर्वोदयनगर चौकी पर तैनात दरोगा अजय कुमार उर्फ अजय ठाकुर (36) का शव शुक्रवार दोपहर पारा के मोहान रोड इलाके में कार के अंदर पड़ा मिला। उनके नाक, मुंह से खून बह रहा था। कार अंदर से लॉक थी। शीशा तोड़कर पुलिस ने शव निकाला। अजय बृहस्पतिवार से लापता थे और चौकी के कर्मचारी उन्हें तलाश रहे थे। आशंका है कि मौत ब्रेन हैमरेज या दिल का दौरा पड़ने से हुई है।
विज्ञापन
डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने बताया कि अजय मूल रूप से हापुड़ के मेहताब सेन (इंद्रगढ़ी) के निवासी थे। मौजूदा समय में वह पारा के हंसखेड़ा स्थित विनायकपुरम कॉलोनी में किराये पर रह रहे थे। वर्ष 2021 से 2024 तक पारा थाने में तैनात रह चुके थे। अजय बृहस्पतिवार दोपहर से चौकी पर नहीं पहुंचे थे। चौकी इंचार्ज सचिन कौशिक और अन्य सहकर्मियों ने उनके मोबाइल फोन पर कॉल की, पर फोन नहीं उठा।
विज्ञापन
सर्विलांस की मदद से मिली लोकेशन
डीसीपी ने बताया कि शुक्रवार को सर्विलांस से दरोगा के मोबाइल फोन की लोकेशन बुद्धेश्वर चौराहे से पहले मोहान रोड पर मिली। इस पर पारा व गाजीपुर थाने की पुलिस मोहान रोड पहुंची तो दरोगा की कार लावारिस हालत में मिली। दरवाजे अंदर से लॉक थे। पुलिस ने पीछे की सीट का शीशा तोड़ा तो ड्राइविंग सीट पर दरोगा का शव पड़ा था। चेहरा काला पड़ गया था और नाक, मुंह से खून निकल रहा था। फॉरेंसिक टीम को कार से शराब की बोतल मिली।
डीसीपी पश्चिम कमलेश दीक्षित ने बताया कि दरोगा के परिजनों को सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की सही वजह पता चल सकेगी। दरोगा की पत्नी कोमल एक महीने पहले ही बच्चों को लेकर हापुड़ गई थीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक दरोगा की कार बृहस्पतिवार दोपहर से बुद्धेश्वर जाने वाले मोहान रोड के किनारे खड़ी थी। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।