लखनऊ। पुणे स्थित भारती विद्यापीठ के स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट के निदेशक प्रो. शारंगधर साठे ने कहा कि हमारे यहां गुरु-शिष्य परंपरा निभाई जाती है। इसके तहत गुरुओं के घर जाकर शिष्य संगीत व अन्य विधाओं की शिक्षा ग्रहण करते हैं। इस परंपरा से अब उत्तर प्रदेश के विद्यार्थी और कलाकार भी परिचित होंगे। इसके लिए बुधवार को उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी और भारती विद्यापीठ के बीच अहम समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए।
एमओयू के तहत दोनों संस्थान एक-दूसरे से शैक्षणिक व सांस्कृतिक गतिविधियों को साझा करेंगे। इसका लाभ शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों को मिलेगा। भारती विद्यापीठ डीम्ड टु बी यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ परफॉर्मिंग आर्ट के निदेशक प्रो. शारंगधर साठे और एसएनए के निदेशक डॉ. शोभित कुमार नाहर के बीच हस्ताक्षरित अनुबंध पत्रों का आदान-प्रदान हुआ।
प्रो. शारंगधर ने कहा, थ्योरी, प्रैक्टिकल और वायवा के लिए संस्थान में कक्षाएं चलती हैं, लेकिन शुरुआत में विद्यार्थी को गुरु के घर जाकर ही दीक्षा लेनी होती है। एमओयू के तहत दोनों संस्थान एक-दूसरे के यहां संगीत व अन्य विषयों से संबंधित कार्यशालाओं का आयोजन करेंगे। स्टडी मैटेरियल भी साझा करेंगे। एमओयू का मुख्य उद्देश्य है कि नई पीढ़ी को क्लासिकल संगीत से जोड़ा जाए। शोध के साथ अच्छे कलाकार तैयार किए जाएं। भारती विद्यापीठ के प्रो. प्रवीण कासलीकर और संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत ने कहा कि इस अनुबंध से दोनों संस्थानों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान से बेहतरीन कलाकार मिलेंगे।