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UP: अटल आवासीय विद्यालयों के छात्र अखबार से बढ़ाएंगे...भाषाई ज्ञान व तार्किक कौशल; पढ़ें आदेश

Thu, 08 Jan 2026 09:24 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

अटल आवासीय विद्यालयों में अब नियमित अखबार पठन को पढ़ाई का हिस्सा बनाया जाएगा। श्रम विभाग के प्रमुख सचिव ने इसके निर्देश जारी किए हैं। 
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अटल आवासीय विद्यालय का मॉडल - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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बेसिक व माध्यमिक विद्यालयों के साथ ही अटल आवासीय विद्यालयों में भी अखबार को नियमित पठन-पाठन की व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनाने के लिए तैयार किया जाएगा। प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एमके शन्मुगा सुन्दरम ने अटल आवासीय विद्यालयों में नियमित अखबार पठने की संस्कृति विकसित करने के लिए विस्तृत निर्देश जारी किए हैं।

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उन्होंने कहा है कि विद्यालयों में नियमित समाचार पत्र पाठन की संस्कृति विकसित करने से छात्राओं में न सिर्फ भाषाई ज्ञान, तार्किक कौशल की भी वृद्धि होगी। उन्होंने कहा है कि शिक्षण संस्थानों में छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए पाठ्यक्रम के अतिरिक्त सामान्य ज्ञान, भाषा पर पकड़ और आलोचनात्मक सोच को भी सशक्त बनाने की आवश्यकता है। इसके लिए छात्र-छात्राओं को नियमित समाचार पत्र पठने के लिए प्रोत्साहित किया जाना आवश्यक है।

उन्होंने अपर मुख्य सचिव बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा द्वारा 23 दिसंबर को जारी विस्तृत निर्देश का उल्लेख करते हुए कहा है कि सभी अटल आवासीय विद्यालयों की गतिविधियों में तत्काल प्रभाव से अखबारों को शामिल किया जाए। हर विद्यालय के पुस्तकालय में प्रतिष्ठित हिंदी व अंग्रेजी के समाचार पत्रों को नियमित रूप से उपलब्ध कराए जाए।
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समाचार पत्र में सामान्य ज्ञान के अतिरिक्त विज्ञान, अर्थव्यवस्था, नवीन विकास तथा खेल से संबंधित विषयों के सम्बन्ध में जानकारी के लिए भी छात्रों को प्रोत्साहित किया जाए। साथ ही दैनिक व साप्ताहिक गतिविधियों के बारे में प्रार्थना सभा के बाद कक्षा में पठन-पाठन शुरू करने के पहले 10 मिनट का समय समाचार पढ़ने के लिए आवंटित करें। हर दिन 5 नए कठिन शब्द उनके अर्थ सहित बोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएं। विद्यालय के मुख्य डिस्प्ले बोर्ड पर आज का सुविचार को अनिवार्य रूप से अंकित किया जाए।

संपादीय लेखों पर होगी समूह चर्चा

प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन ने कहा है कि कक्षा नौ से 12 के छात्रों के लिए सप्ताह में एक बार संपादकीय लेखों पर आधारित मौलिक लेखन व समूह चर्चा आयोजित की जाए। रचनात्मक कार्यों में जूनियर वर्ग के छात्रों के लिए विज्ञान, पर्यावरण और खेल जैसे विषयों पर न्यूज क्लिपिंग की स्क्रैप बुक तैयार करवाई जाए। छात्रों में वैज्ञानिक अभिरुचि को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यार्थियों को छोटे समूहों में वैज्ञानिक तथ्यों और प्रक्रियाओं पर चर्चा करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाए।

समाचार पत्र से बढ़ाएं तार्किक क्षमता

डॉ. एमकेएस सुंदरम ने कहा है कि मानसिक विकास एवं प्रतियोगिताओं के अंतर्गत उन्होंने विद्यार्थियों की तार्किक क्षमता बढ़ाने के लिए अखबारों में प्रकाशित सुडोकू, शब्द पहेली और ज्ञानवर्धक प्रश्नोत्तरी की प्रतियोगिताएं समय-समय पर आयोजित की जाए।

विद्यार्थियों को समाचार पत्रों की संरचना व प्रस्तुतीकरण से प्रेरणा लेकर अपने विद्यालय के लिए एक त्रैमासिक विद्यालय समाचार पत्र या विद्यालय पत्रिका तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करें। इसका संपादन विद्यार्थियों की टीम द्वारा ही किया जाए। इसमें विद्यालय की गतिविधियों व उपलब्धियों को समाचार के रूप में प्रस्तुत किया जाए।

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