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UP: हाईकोर्ट ने राजधानी के छह स्कूलों से पूछा...यातायात व्यवस्था सुधार के लिए क्या कदम उठाए हैं?

Thu, 08 Jan 2026 09:17 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी के छह स्कूलों से पूछा है कि स्कूलों के बाहर लगने वाले जाम से निजात के लिए उन्होंने क्या कदम उठाए हैं। कोर्ट ने स्कूलों के प्रिंसिपल व प्रशासनिक अधिकारियों को 19 जनवरी को पेश होने के निर्देश दिए हैं। 
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प्रतीकात्मक फोटो - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने राजधानी के स्कूलों के बाहर लगने वाले जाम से निजात के लिए आदेश के बाद भी सहयोग न करने वाले शहर के छह स्कूलों को मामले में पक्षकार बनाने के निर्देश के साथ इन्हें नोटिस जारी की है।  कोर्ट ने इन सभी स्कूलों से पूछा है कि उन्होंने अपने स्कूलों के अंदर व आसपास यातायात व्यवस्था सुधार के लिए क्या कदम उठाए हैं? अदालत ने कहा कि इन शैक्षणिक संस्थानों को स्वयं यातायात व्यवस्था सुधारने एवं उसके लिए सुझाव देने का अवसर प्रदान किया जा रहा है, यदि वे इसमें असफल होते हैं तो कोर्ट से आवश्यक निर्देश पारित किए जाएंगे।

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न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृजराज सिंह की खंडपीठ ने यह आदेश गोमती रिवर बैंक रेजीडेंट्स की ओर से वर्ष 2020 में दाखिल की गई जनहित याचिका पर दिया है। इसमें स्कूलों की सुरक्षा समेत स्कूल लगाने और छूटने के समय आसपास सड़कों पर लगाने वाले भीषण जाम के मुद्दे उठाए गए है।

19 जनवरी को अदालत में पेश होकर यह बताएं...

कोर्ट ने शहर के छह स्कूलों के प्रिंसिपल और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे 19 जनवरी को अदालत में पेश होकर यह बताएं कि जाम से राहत के लिए उन्होंने क्या उपाय किए। इनमें ला मार्टिनियर गर्ल्स कालेज हजरतगंज, लोरेटो कान्वेंट गौतमपल्ली, सिटी मान्टेसरी स्कूल विशाल खंड, सिटी मान्टेसरी स्कूल गोमती नगर एक्सटेंशन, सिटी मान्टेसरी स्कूल स्टेशन रोड व सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल गोमती नगर के प्रिंसिपल अथवा प्रशासनिक अधिकारियों को कोर्ट ने हाजिर होने का निर्देश दिया है। 

इस मामले में बीते 15 दिसंबर को न्यायमित्र अधिवक्ता ने कोर्ट को बताया था कि शहर के ये स्कूल, कोर्ट के आदेश पर संबंधित अफसरों या न्यायमित्र अधिवक्ता द्वारा दिए गए यातायात व्यवस्था के निर्देशों को नहीं मान रहे हैं। जिसका खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। इसपर कोर्ट ने इन छह स्कूलों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 19 जनवरी को नियत की है।

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