भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने राजधानी के यूपी सिविल सेक्रेटेरिएट प्राइमरी कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं। बैंक की खराब तरलता (लिक्विडिटी) स्थिति और नियामकीय निर्देशों का पालन न करने के कारण यह कार्रवाई की गई है।
आरबीआई के निर्देशों के अनुसार, 11 मार्च को कारोबार समाप्त होने के बाद से बैंक बिना पूर्व अनुमति के कोई नया ऋण या अग्रिम नहीं दे सकेगा। इसके साथ ही बैंक नई जमा स्वीकार नहीं करेगा।
किसी भी तरह का निवेश भी नहीं कर पाएगा। बैंक को किसी प्रकार की देनदारी लेने, भुगतान करने, संपत्ति बेचने या किसी समझौते के लिए भी आरबीआई की मंजूरी लेनी होगी।
किसी भी प्रकार की निकासी की अनुमति नहीं दी गई
मौजूदा लिक्विडिटी स्थिति को देखते हुए खाताधारकों को अपने बचत, चालू या अन्य खातों से किसी भी प्रकार की निकासी की अनुमति नहीं दी गई है। हालांकि बैंक को कर्मचारियों के वेतन, किराया और बिजली बिल जैसे आवश्यक खर्च करने की छूट दी गई है।
आरबीआई ने बताया कि बैंक के प्रबंधन से कार्यप्रणाली सुधारने को लेकर पहले भी कई बार बातचीत हुई थी, लेकिन ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए। जमाकर्ताओं के हितों की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाना जरूरी हो गया।
आरबीआई ने स्पष्ट किया कि यह बैंक का लाइसेंस रद्द करना नहीं है। प्रतिबंध फिलहाल छह महीने के लिए लागू रहेंगे और स्थिति में सुधार होने पर समीक्षा की जाएगी। जमाकर्ताओं को अधिकतम पांच लाख रुपये तक की जमा राशि का बीमा भुगतान भी मिल सकेगा।