लखनऊ। चौक के लाजपतनगर में पांच वर्ष के अर्नव की मौत के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पड़ताल में सामने आया कि पिता व सौतेली मां ने मुंह दबाकर उसकी हत्या की थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसकी पुष्टि हुई है।
अर्नव के शरीर पर चोटों के 20 से अधिक निशान मिले हैं। एसीपी चौक राजकुमार सिंह के मुताबिक नानी की तहरीर पर अर्नव के पिता अधिवक्ता भीष्म खरबंदा और सौतेली मां रागिनी के खिलाफ हत्या की एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। अर्नव के मामा रोहित कश्यप ने बताया कि अर्नव जब पांच महीने का था तब बीमारी से मां स्वाति का निधन हो गया। नानी सुधा ने अर्नव की देखरेख की। इसी बीच भीष्म ने रागिनी से दूसरी शादी कर ली। उसके पहले से दो बच्चे थे।
भीष्म ने चार महीने पहले अर्नव को अपनी कस्टडी में ले लिया था। आरोप है कि भीष्म और रागिनी अर्नव को प्रताड़ित करते थे। अक्सर उसे पीटते थे। बृहस्पतिवार को भीष्म अर्नव को गंभीर अवस्था में ट्रॉमा सेंटर लेकर गया था। उसने बच्चे के बाथरूम में गिरने की बात कही थी। उसकी मौत के बाद वह बिना पुलिस को सूचना दिए शव घर ले आया था।
चोटें ऐसी कि रूह कांप जाए...
मासूम के सिर, चेहरे, पीठ, कंधे के पास चोटों के निशान मिले हैं। माना जा रहा है कि आरोपियों ने बृहस्पतिवार को अर्नव की पिटाई की। चीखने पर उसका मुंह दबा दिया और फिर फर्श पर पटक दिया। रोहित ने बताया कि पोस्टमार्टम के दौरान भीष्म वहां नहीं था। पोस्टमार्टम के बाद शव ले जाने के लिए भीष्म और रोहित के घरवालों में विवाद हो गया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों को शांत कराया। गुलाला घाट में शव दफनाया गया। अर्नव की नानी सुधा का आरोप है कि 23 फरवरी को वह नाती से मिलने आई थीं। उन्होंने उसे गोद में उठाया ही था कि आरोपियों ने उनसे अर्नव को छीन लिया।
फोन पर भी नहीं कराते थे बात
सुधा ने बताया कि आरोपी फोन पर भी उनकी अर्नव से बात नहीं कराते थे। वीडियो कॉल करने पर ऑडियो बंद कर देते थे, ताकि आवाज न सुनाई दे। आरोप लगाया कि भीष्म ने अर्नव को इतना डरा रखा था कि वह सिर नहीं उठा पाता था। रोहित ने बताया कि पत्नी की मौत के एक माह बाद ही भीष्म उनके घर आया और उनकी छोटी बहन से शादी कराने की मांग की। परिजनों ने इससे इन्कार कर दिया था।
आरोप : घर का काम करवाती थी सौतेली मां
सुधा का आरोप है कि उन्होंने छानबीन कराई तो पता चला कि रागिनी अर्नव से घर के काम करवाती थी। जब वह काम नहीं कर पाता था तो उसकी पिटाई की जाती थी। भीष्म और रागिनी को डर था कि बड़ा होकर अर्नव संपत्ति में हिस्सा मांगेगा। इस बात को लेकर दोनों तनाव में रहते थे। सुधा का कहना है कि रागिनी की बेटी से पूछताछ की जाए तो वह सच्चाई बता सकती है।