राजधानी में बुधवार को आंधी-पानी के चलते शहर से गांव तक की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई। इसकी वजह मोहनलालगंज से माल और सरोजनीनगर से हरौनी तक 100 खंभे और लाइनों के तार टूट गए हैं।
हालांकि, शहर में आंधी के रफ्तार पकड़ने से पहले ही उपकेंद्रों से बिजली को बंद कर दिया गया था। मगर, 400 गांवों व कस्बे की बिजली व्यवस्था लाइनों पर पेड़ गिरने के कारण तीन से सात घंटे तक बिजली व्यवस्था ध्वस्त रही।
एक्सईएन एसके सिंह के मुताबिक मोहनलालगंज क्षेत्र में बिजली लाइनों पर इस कदर पेड़ गिरे, कि 50 खंभे, तार व इंशुलेटर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इसके कारण मोहनलालगंज न्यू, ओल्ड, निगोहा सहित आठ उपकेंद्र ठप हो गए। इससे मोहनलालगंज, सिसेण्डी, जबरौली सहित 100 की बिजली शाम तक ठप रही।
इन जगहों पर गुल रही बिजली
गहरू उपकेंद्र के बंथरा, नीव, रसूलपुर, बनी उपकेंद्र के हरौनी, लतीफ नगर, बेती, मिर्जापुर, पहाड़पुर,धावापुर, बीबीपुर, शाहजनपुर, अमावा,नारायणपुर सहित 50 गांव की बिजली चार घंटे तक ठप रही। नगराम में सड़क किनारे लगे पेड़ों के गिरने से लाइन प खंभे टूट गए, जिससे आपूर्ति व्यवस्था पटरी से उतर गई। इससे बहरौली, मीरखनगर ,समेसी, नगराम टाउन के 200 गांवों की बिजली ठप हो गई।