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यूपी : एसटीएफ ने बंगाल से पकड़ा 50 हजार का इनामी,  विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर बंधक बनाकर करते थे वसूली  

Sat, 01 Aug 2020 11:02 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो
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एसटीएफ ने शनिवार को सोशल मीडिया के माध्यम से ठगी कर यूएसए, कनाडा आदि देशों में नौकरी दिलाने के नाम पर बंधक बनाकर हवाला के माध्यम से अवैध वसूली करने वाले 50 हजार के इनामी अपराधी पवन गांधी को कोलकता से गिरफ्तार कर लिया है। 

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एसटीएफ को जानकारी मिली थी कि एक गिरोह सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, फेसबुक मैसेन्जर एवं वॉट्सएप आदि के माध्यम से विदेशों में जैसे अमेरिका एवं कनाडा में नौकरी दिलाने के नाम  पर लोगों को वाराणसी बुलाकर उन्हे बंधक बना कर वसूली कर रहा है। इस गिरोह ने बीते नवंबर माह में गुजरात के कुछ लोगों को वाराणसी बुलाकर उन्हें बंधक बना लिया था और उनसे हवाला के माध्यम से 20 लाख वसूल लिए थे। इसका मुकदमा वाराणसी के थाना कैण्ट में दर्ज हुआ था।

इस मामले में गिरोह के सरगना राजवीर यादव, कपिल उर्फ भास्कर उर्फ भाटिया, पवन गांधी आदि को वांछित किया गया था। राजवीर यादव व पवन गांधी पर इनाम घोषित था।  इस मामले की तफ्तीश एसटीएफ की वाराणसी यूनिट कर रही थी। एसटीएफ ने इस गैंग के राजवीर सिंह व कपिल को बीटी से एक मार्च को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया था। पवन गांधी फरार चल रहा था।
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एसटीएफ को पता चला कि पवन गांधी कोलकता में छिप कर रह रहा है। इस सूचना पर एसटीएफ की एक टीम ने वहां पहुंच कर उसे गिरफ्तार कर लिया। एसटीएफ ने आरोपी को वहां न्यायालय में पेश कर उसकी कस्टडी रिमाण्ड हासिल कर ली और उसे वाराणसी लाया जा रहा है। 

ऐसे करते थे अपराध
गिरफ्तार अभियुक्त से पूछताछ में सामने आया कि गिरोह दो भाग में अपराध को अंजाम देता है। पहले भाग को पवन गांधी और राहुल मेहरा जो मुंबई का रहने वाला है, देखते हैं। सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी से विदेश में नौकरी दिलाने का विज्ञापन पोस्ट करते हैं।

यह विज्ञापन विशेष कर बंगलादेश, नेपाल एवं गुजरात के लोगों के लिए निकालते हैं और इसी विज्ञापन में सम्पर्क करने के लिए एक मोबाइल नंबर भी दे देते हैं। इच्छुक व्यक्ति को बताया जाता है कि नौकरी मिलने के तुरन्त बाद हवाला के माध्यम से एक व्यक्ति को 15  से 20 लाख रुपये तक देना पड़ेगा। एडवांस के रूप में कुछ नही लगेगा। इसके बाद संबंधित व्यक्ति को वाराणसी बुलाकर एक होटल में ठहराया जाता है। यहां गैंग के दूसरे भाग का काम शुरू होता है।

संबंधित व्यक्ति को विदेश भेजने के लिए एयरपोर्ट न ले जाकर सारनाथ व सिगरा स्थित अपने ठिकाने पर ले जाकर बंधक बना लेते हैं। इसके बाद मारपीट कर परिजनों से बात करवाते हैं कि एयरपोर्ट पर बोर्डिंग तैयार हो गई है और विदेश पहुचने के बाद बात होगी। बाद में शिकार की उसके परिवार से बात कराते हैं कि वह विदेश पहुच गया है और उसे जाब मिल गई है। जो पैसा तय हुआ था वह हवाला के माध्यम से दे दिया जाए।

दिल्ली में तय रकम को हवाला के माध्यम से प्राप्त करने के बाद बंधक को आंख पर पट्टी बांधकर रेलवे स्टेशन के पास रेलवे टिकट देकर छोड़ दिया जाता है और पैसा गैंग में बराबर बांट लिया जाता है। गैंग अबतक लगभग 35 से 40 लोगों के साथ इसी तरह की अवैध वसूली कर चुका है।

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